आरएसएस स्वयंसेवकों ने मनाया मकर संक्रांति उत्सव



साहिबगंज नगर के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के  स्वयंसेवकों ने स्थानीय रेलवे इंस्टिट्यूट के मैदान में मकर संक्रांति का उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य बौद्धिक कर्त्ता सेवानिवृत्त शिक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि हमारे समाज जीवन में अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्व के प्रसंग भरे पड़े हैं। इन प्रसंगों से हमारा समाज अनुप्राणित होता है। जब जिन गुणों की आवश्यकता संघ ने महसूस किया उन्हीं के अनुरूप उत्सवों की योजना भी की । प्रत्येक उत्सव किसी विशेष गुण की ओर इंगित करता है। उत्सव के माध्यम से हमारा आत्म केंद्रित स्वभाव बदल कर समाज बोध का जागरण होता है। अपने संघ में कुल 6 उत्सव मनाने की परंपरा रही है जिनमे से से एक है मकर संक्रांति उत्सव। इसका उद्देश्य है सम्यक  क्रांति एवं संगठन का भाव निर्माण करना। उन्होंने आगे बताया कि मकर संक्रांति का  खगोलीय महत्व भी है आज के दिन ही सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर प्रवेश करते हैं। उन्होंने आगे बताया कि यह त्यौहार भारतीय कृषि व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। इस दिन हम लोग  नई फसलों से प्राप्त अन्न, गुड़, तिल, तेल इत्यादि का सेवन करते हैं। इस त्यौहार का एक प्रमुख उद्देश्य लोगों को आपस में जोड़ना भी है तथा यह समरसता का त्यौहार है। दक्षिण भारत में यह पोंगल, उत्तर भारत में मकर संक्रांति गुजरात में लोहड़ी के नाम से जाना जाता है। इस दिन पतंग उड़ाने की परंपरा रही है। तिल उष्णता का प्रतीक है जिसके दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है, ऐसी मान्यता है। स्कंद पुराण के दसवें खंड में भी इस त्यौहार की चर्चा है।इस अवसर पर  मंचासीन अधिकारियों में विभाग संघचालक विजय कुमार,  अरुण विश्वकर्मा भी मौजूद थे। कार्यक्रम का संपत नगर शारीरिक प्रमुख देवजीत सिंह राठौर ने लिया। सामूहिक गीत नगर बौद्धिक प्रमुख प्रमोद कुमार ने गाया।  एकल गीत जिला घोष प्रमुख कृष्ण बल्लभ सिंह ने गाया। अमृत वचन हजारी कुमार ने कहा।  सुभाषित राजीव कुमार मंडल ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विभाग प्रचारक बिगेंद्र कुमार, विभाग व्यवस्था प्रमुख नितेश कुमार, विभाग प्रचार प्रमुख राजीव कुमार, जिला व्यवस्था प्रमुख आलोक कुमार, नगर कार्यवाह स्वपन कुमार, सह कार्यवाह पुष्कर लाल, नगर व्यवस्था प्रमुख पंकज कुमार, समीर कुमार, मुकेश कुमार, सहित अनेक स्वयंसेवक उपस्थित थे। 


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