कालाजार एवं फाइलेरिया से बचाव हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का होगा आयोजन



साहिबगंज संवाददाता:-- समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फ़ोर्स की बैठक आयोजित की गई।बैठक में बताया गया कि 15 फरवरी 2021 से कालाजार उन्मूलन हेतु कीटनाशक छिड़काव किया जाना है। जिसकी कार्य योजना जिला स्तर पर पूर्ण कर ली गई है। वहीं बैठक में बताया गया कि ऐसे 35 गांव को चिन्हित किया गया है जो कालाजार के लिए अति प्रभावित श्रेणी में हैं।इस दौरान बताया गया 8 फरवरी 2021 से कालाजार खोज अभियान के तहत जिला के सभी गांव में सर्वे की शुरुआत की जा रही है इसी संबंध में उपायुक्त रामनिवास यादव ने संबंधित पदाधिकारियों से कहा कि वह प्रखंड विकास पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर गांव में सर्वे कराना सुनिश्चित कराएं एवं इस सर्वे में आंगनबाड़ी सेविका सहायिका आदि को सही प्रशिक्षण दें कि वह घर घर जाकर यह डाटा तैयार करें की किस व्यक्ति में बुखार सर्दी खांसी या किसी अन्य बीमारी के कौन से लक्षण हैं।इस दौरान उन्होंने कहा कि इस सर्वे से हम यह चिन्हित कर पाएंगे कि किस व्यक्ति में कौन सी बीमारी के लक्षण है एवं तत्काल उनका उपचार किया जा सकेगा एवं संबंधित व्यक्ति को पास के सीएचसी या अस्पताल में इलाज की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी।

बैठक में उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को चिन्हित 35 गांव में हर महीने 2 बार विजिट करने का निर्देश देते हुए कहा कि वह यह सुनिश्चित करें उक्त गांव में कोई भी व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार है या नहीं इसका सर्वे एवं वहां कीटनाशक का छिड़काव सही ढंग से हो रहा है।बताया गया कि सभी चिन्हित 35 गांव में कैंप का आयोजन भी कराया जाएगा जिसमें लोगों को कालाजार एवं अन्य बीमारियों के प्रति जागरूक किया जाएगा एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से दवाएं भी दी जाएगी।

मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन:

बैठक में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से डब्लूएचओ के प्रशिक्षक डॉ अभिषेक द्वारा फाइलेरिया से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई इस दौरान उन्होंने बताया कि जिले में 22 फरवरी से मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान चलाया जाएगा जिसमें कुछ दिनों तक बूथ स्तर पर लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाई जाएगी एवं अगले कुछ दिनों तक गांव स्तर तथा जिला स्तर पर घर घर जाकर फाइलेरिया की दवा दी जाएगी। उपायुक्त रामनिवास यादव ने सभी एमओआईसी सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा की फाइलेरिया की दवा सभी लोगों को दी जाए इसके लिए आवश्यक माइक्रो प्लान बनाएं एवं जमीनी स्तर पर इसे एग्जीक्यूट करें।उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को फ्लेक्स एवं होल्डिंग्स के माध्यम से जागरूक करने एवं समाज में यह संदेश देने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा की लोगों को प्रेरित करें की फाइलेरिया एक घातक रोग है जिससे बचाव के लिए डब्लूएचओ,जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से कदम उठाये  जा रहे हैं तथा दवाएं उपलब्ध कराई जा रही है अतः 22 फरवरी को बूथ पर जाएं एवं फाइलेरिया की दवा अवश्य लें।

कैसे होता है फाइलेरिया कैसे बचा जा सकता है;

बैठक में बताया गया कि परजीवी क्यूलैक्स फैंटीगंस मादा मच्छर के काटने से मनुष्य के शरीर में पहुंचता है। ऐसे मच्छर घरों के आसपास नाली, गड्ढों व घर के अंदर रुके हुए पानी में पनपते हैं तथा इनके काटने से यह घातक रोग होता है।बैठक में बताया गया कि ठंड लगने के साथ ही तेज बुखार होना, हाथ-पैर की नसों का फूलना, दर्द होना, जांघ में गिल्टी उभर आना, हाथ, पैर में सूजन आदि इस रोग के लक्षण हैं। इस रोग के लिए डाईइथाइल कार्बामाजिन व एल्वेंडाजोल दवा फाइलेरिया के लिए रामबाण होने के साथ ही सुरक्षित भी है।

कौन खा सकते हैं यह दवा:

इस दौरान बताया गया की दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं व गंभीर रूप से ग्रसित रोग के लोगों को यह दवा नहीं देनी चाहिए। दवा को खाली पेट नहीं खाना चाहिए।

बचाव के उपाय:

इस दौरान बताया गया की  बचाव के लिए सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। शरीर पर सरसों अथवा नीम का तेल लगाकर सोएं। सोते समय ऐसे वस्त्रों का प्रयोग करें जिससे शरीर का अधिकांश भाग ढका हो।बैठक में उप विकास आयुक्त प्रभात कुमार बरदियार, सिविल सर्जन डीएन सिंह सभी एमओआईसी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, लेडी सुपरवाइजर, डब्ल्यूएचओ से डॉक्टर अभिषेक, स्टेट कंसलटेंट सज्ञा सिंह, डिस्टिक कंसल्टेंट डॉक्टर सती बाबू,केअर से अभिषेक कुमार अमरीश कुमार आदि उपस्थित थे।


No comments