रोहिणी बसमाता गुलीपथार व जनक पुर मौजा की जमीन पर टाइटल सूट दाखिल

 


देवघर -शहर में बढते अपराध का मुख्य कारण जमीन कारोबार है आए दिन जमीन विवाद में कई लोगों की जान चली गई फिर भी यह धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है जमीन कारोबारी भोले भाले किसान को गुमराह कर बने पौने दाम में जमीन लेकर मोटी रकम अर्जित कर रहे हैं। यह कारोबार संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं का घोर उल्लंघन है इसके बावजूद भी यह कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इसको लेकर मधुपुर थाना क्षेत्र के हरिला गांव निवासी हरेराम पाण्डेय पिता स्व0 दुलारु पाण्डेय ने रोहिणी मौजा नम्बर 196 जमावन्दी नम्बर 90 दाग नम्बर 535,537,541,व 954कुल रकवा 3,55 डिसमिल, जनकपुर मौजा नम्बर 278,जमावन्दी नम्बर 51 दाग नम्बर 305,306,307,343,301,353,356,व 2 कुल रकवा 4,20,बसमाता मौजा नम्बर 276 जमावन्दी नम्बर 12 दाग नम्बर 360,379,385 कुल रकवा 1,99 डिसमिल ,मौजा गुलीपथार मौजा नम्बर 275 जमाबंदी नंबर 9 कुल रकवा  10,91 जमीन पर सव जज वन की अदालत में बँटवारावाद दाखिल किया है। दर्जवाद में जिक्र है कि उपरोक्त जमीन सर्वे सेटलमेंट में आवेदक की नाना खीखा पाण्डेय व अन्य के नाम से दर्ज है जो अविभाजित एवं अहस्तांतरणीय है जिसे कुछ फरिकान की द्वारा अवैधानिक तरीके से हस्तांतरित  कर पूरखों की निशानी को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। उधर बासमाता मौजा की जमीन जो रोहिणी सत्संग नगर मुख्य मार्ग से डढवा नदी पूल से सटे दो फसला जमीन है जिस पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन पर अतिक्रमण कार्य किया जा रहा है। पीड़ित हरेराम पाण्डेय का कहना है कि उक्त विवादित जमीन पर अवैध निर्माण कार्य को रोकने के लिए उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचलाधिकारी देवघर ,नगर व जसीडीह थाना को निबंधित डाक द्वारा आवेदन देकर अवैध निर्माण कार्य को रोकने की गुहार लगाया गया था लेकिन अवैध निर्माण कार्य नहीं रुका विवश होकर पीड़ित को कानून का दरवाजा खटखटाना पड़ा हँलाकि प्रशासनिक स्तर पर इस कारोबार पर अंकुश लगाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है लेकिन जमीन कारोबार निर्भीकता पूर्वक फल फूल रहा है।

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