एक घंटे तक ग्रामीणों ने पाथरोल पुलिस को बनाया बंधक

 पोस्टमार्टम के लिए शव लेने चरकमारा पहुंची पाथरोल पुलिस के रवैये पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा



पहुंची सारठ पुलिस, विधायक ने मामले को कराया शांत





सारठ :  थाना क्षेत्र के चरकमारा गांव निवासी 19 वर्षीय युवक की पाथरोल में हुई हत्या को लेकर शुक्रवार को गांव पहुंची पाथरोल पुलिस के मनमाने रवैये पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और आक्रोशित ग्रामीणों ने करीब एक घंटे तक पाथरोल पुलिस को गांव में ही घेरे रखा। ग्रामीण पाथरोल थाना प्रभारी के रवैये को लेकर आक्रोशित दिखे। जिसके बाद माहौल बिगड़ता देख पाथरोल पुलिस ने मामले की जानकारी सारठ पुलिस को दी और सारठ थाना प्रभारी करुणा सिंह, एसआई जेएन सिंह, एएसआई विश्वम्भर विश्वकर्मा समेत कई पुलिस के जवान चरकमारा गांव पहुंचकर आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर माहौल को शांत करवाया। जिसके बाद ग्रामीणों ने कहा कि घटना की सूचना स्थानीय विधायक रणधीर सिंह को दी गई है। ऐसे में विधायक के यहां आने के बाद ही युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए देवघर भेजा जायेगा। हालांकि करीब आधे घंटे में ही विधायक भी मौके पर पहुंच गये और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए देवघर भेजवाया और पुलिस को युवक की हत्या करने का मामला दर्ज करने और जल्द हत्यारे की गिरफ्तारी करने का निर्देश भी दिया।

घटना को लेकर मृतक युवक दिवाकर कुमार दास के पिता सुबल दास व अन्य परिजनों ने बताया कि 27 जनवरी को युवक अपने बहन घर पाथरोल गया था। 29 जनवरी को बहन  जुली देवी ने पिता सुबल दास को फोन करके कहा कि दिवाकर व उनका बहनोई गोपला दास ईंट भट्ठा के पास बेहोशी की हालत मे पड़ा हुआ है। परिजन जब पाथरोल पहुंचे तो दोनों (साला-जीजा) को लेकर मधुपर सरकारी अस्पताल ले गये। जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिजनों ने शुक्रवार को मधुपर अस्पताल से युवक के शव को चरकमारा गांव लाया था। इसी बीच पाथरोल थाना प्रभारी मनीष कुमार पुलिस बलों के साथ चरकमारा गांव पहुंची और शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही। परिजनों ने पुलिस को मृतक युवक के शरीर व गर्दन पर चोट के गहरे जख्म का निशान दिखाते हुए कहा कि उनके पुत्र की हत्या की गई है। वहीं परिजनो ने लिखित आवेदन थाना प्रभारी को दिया लेकिन थाना प्रभारी द्वारा आवेदन फेक दिए जाने और मृतक के परिजनों से दुर्व्यवहार किये जाने से सभी ग्रामीण भड़क गए और पुलिस को ही घेर लिया। इस दौरान काफी देर तक पुलिस व ग्रामीणों के बीच नोक झोंक भी हुई और ग्रामीणों के तेवर को भांपकर अंततः पुलिस ने चुप्पी साध ली। 

इधर गांव पहुंचे विधायक ने परिजनों व ग्रामीणों से घटना की पूरी जानकारी लेकर मौके पर से ही डीसी, एसपी, सिविल सर्जन और मधुपुर एसडीपीओ को घटना की जानकारी देकर गठित कमिटी से युवक का पोस्टमार्टम कराने और दोषी को अविलम्ब गिरफ्तार करने की बात कही। वहीं पाथरोल थाना प्रभारी मनीष कुमार ने भी सबों के समक्ष कहा कि परिजनों के लिखित आवेदन पर हत्या का मामला दर्ज करके 24 घंटे के अंदर दोषी को गिरफ्तार किया जाएगा। मुखिया प्रतिनिधि संजय मंडल ने भी माहौल को शांत कराने में काफी सहयोग किया।


मृतक के पिता सुबल दास द्वारा दिये गए लिखित आवेदन में जिक्र है कि उनकी पुत्री जुली देवी की शादी 06 वर्ष पूर्व पाथरोल निवासी गोपाल दास के साथ हुई थी। पुत्र दिवाकर 27 जनवरी को बहन घर गया था। 29 जनवरी को उनकी बेटी ने फोन करके कहा कि दिवाकर और गोपाल के साथ ससुर बुटन दास, दिनेश दास व बाबूलाल दास ने बेरहमी से मारपीट किया है। जिसके बाद डर से गोपाल व दिवाकर घर से भाग गया है। वहीं सुबह घर वाले को सूचना मिला कि ईंट भट्ठा के पास दोनों बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ है।  परिजनों ने दोनों को इलाज के लिए मधुपर सरकारी अस्पताल ले गया। जहां चिकित्सक ने बताया कि काफी पहले ही दोनों की मौत हो चुकी है। आरोप लगाया है कि बुटन, दिनेश और बाबूलाल तीनों ने मिलकर साला बहनोई की षड्यंत्र के तहत हत्या


की है।

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