राहुल अध्ययन केंद्र में विश्व हिंदी दिवस के अवसर परऑनलाइन विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया!



मधुपुर राहुल अध्ययन केन्द्र में रविवार को विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर आँन लाइन विचार गोष्ठी की गई । मौकै पर जलेस के प्रांतीय सह सचिव , साहित्यकार - धनंजय प्रसाद ने विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुये कहा कि भाषा सिर्फ सूचना  प्रसार हासिल करने की माध्यम नहीं होती बल्कि सभ्यता की आँख और संस्कृति के वाहक होती है । वर्तमान समय में हिन्दी की राजनीति बदल गई है , इसका भौगोलिक व सामाजिक नक्शा बदला है । आज हिन्दी बाजार की भाषा बनकर उभरी है । उन्होने कहा कि आज के दिन 10 जनवरी 2006 को पहली बार विश्व हिन्दी दिवस , विश्व स्तर पर हिन्दी को दर्जा दिलाने और इसके दुनियां में प्रचार - प्रसार के उद्देश्य से मनाया गया । वैसे सोशल मीडिया व इंटरनेट के माध्यम से हिन्दी का काफी प्रचार - प्रसार हो रहा है । आज विदेशों मे 14 करोड़ लौग हिन्दी का इस्तेमाल कर रहे है और 55 करोड़ हिन्दी समझ - बूझ रहे है । आज हिन्दी दुनियां की तीसरे नम्बर की भाषा बन गई है । इसके अलावे अन्य कई विचार व्यक्त किये!

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