बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत उपायुक्त ने बेटियों के माध्यम से माता पिता के नाम लिखा पत्र



देवघर शुक्रवार उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी  मंजूनाथ भजंत्री ने देवघर जिला अंतर्गत सभी बेटियों के पालक माता-पिता से आग्रह करते हुए कहा है कि ’’बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’’ योजना पर बात शुरू करने के पूर्व सभी माता-पिता को हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ। बेटियां हमारी भारतीय संस्कृति में देवी तुल्य पूज्यनीय है। वैदिक संस्कृति में इस बात की स्वीकृति है- ’’यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, रमन्ते तत्र देवता’’ अर्थात जहां नारी, बेटियां, स्त्रीयों का सम्मान होता है, वहां देवताओं को वास होता है। आपने बेटी को जन्म पालन-पोषण, सुरक्षा, शिक्षा और संस्कार देकर इस समाज और देश में अप्रतिम योगदान दिया है। साथ ही आप सभी बेटियों के सार्वंगीण विकास और विकास के सर्वोत्तम शिखर में बेटियों का स्थान दिलाने, उसकी सुरक्षा, सम्मान, प्रतिष्ठा और प्रोत्साहन देकर अपनी महती जिम्मेवारी निभानी होगी। 

बेटियों की उज्जवल भविष्य के लिए राज्य और केन्द्र सरकार तत्पर है। झारखण्ड सरकार बेटियों के सर्वोत्तम हितार्थ आप सबों के साथ है। सरकार ने बेटियों के लिए कई योजनाएं चला रही है। यथा- मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, तेजस्वनी योजना, मुख्यमंत्री सुकन्या योजना, किशोरी शक्ति योजना आदि। समाजिक शोषण, उत्पीड़न एवं घेरलू हिंसा से पीड़ित बेटियों के लिए जिले में समुचित सुरक्षा व्यवस्था है, जिसके लिए हेल्पलाईन नम्बर उपलब्ध है। घरेलू हिंसा से बचाव हेतु जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, संरक्षरण पदाधिकारी के रूप में घोषित है। उपर्युक्त योजनाएं का प्रयोग कर बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा, विवाह एवं रोजगार उपलब्ध कराया जाय। आप यदि थोड़ा सजगता, जागरूकता और तत्परता दिखाएं तो बेटियां किसी के लिए भार नहीं बनेगी वह परिवार के खुशाहाली का आधार बनेगी। 

21वीं सदी की बेटियां किसी मायने में बेटों से कम नहीं है। विश्व मानस पटल पर अमिट छाप छोड़नेवाली बेटियों की गौरव गाथा से पूरी समसामायिकी भरी पड़ी है। जैसे कल्पना चावला (अंतरक्षी यात्री), सानियां मिर्जा (टेनिस), पीटी उषा (धाविका), साक्षी मालिक (महिला कुश्ती) दीपा कर्मकार (जिम्नास्टिक), एमसी मैरीकाॅम (मुक्केबाजी), चंदा कोचर (प्रबंधन), आदि स्वनाम धन्य पिता के आदर्श सुपुत्रियां है। इसलिए आप से अनुरोध है कि आप बेटियों को बराबरी का हक हौसला और अवसर देने के लिए आगे आएं। 

देशी कहावत है- ’बेटा पढ़लें एक घर बनतो, बेटी पढ़ले संसार बनतो’’अतः आप सभी से अनुरोध है कि बेटियों को उनके वाजिब मानवीय हक देने में आप सभी माता पिता व उनक परिजन सदेव तत्पर रहेंगे।   उपायुक्त ने दिलायी सभी को शपथ इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी  मंजूनाथ भजंत्री ने समाहरणालय परिसर से सभी को शपथ दिलाते हुए कहा कि मैं भारत का नागरिक, आज यह शपथ लेती/लेता हॅू कि मैं लिंग भेद और लिंग चयन जो कि बालिकाओं के जन्म एवं उनके अस्तित्व को जोखिम में डालता है, उस मानसिकता का त्याग करूंगा। जिसे ये सुनिश्चित हो कि लड़कियां जन्म लें, उन्हें प्यार व शिक्षा मिले और देश का सशक्त नागरिक बनने का समान अवसर मिले।

मैं यह भी संकल्प लेता हॅू कि मैं जन्म पूर्व लिंग पहचान के आधार पर हो रही कन्या भू्रण हत्या को व्यक्तिगत रूप से और सामूहिक रूप से समाप्त करने की मुहिम को अपना व्यक्गित रूप से भरपूर सहयोग दूंगा।

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