चांदमारी में हुआ एक दिवसीय दलित सम्मेलन का आयोजन



मधुपुर:शहर के चांदमारी मोहल्ला स्थित डॉक्टर भीमराव अंबेडकर झारखंड दलित समाज विकास समिति कार्यालय परिसर में सोमवार को संपूर्ण ग्राम विकास केन्द्र, डालटेनगंज (पलामु) द्वारा दलित सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें गुनिया सोल,महुआडाबर,पट्टा जोरी, चेतनारी आदि गांव से आए दर्जनों महिला पुरुषों ने अपनी उत्साह पूर्ण भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित लोगों द्वारा संविधान निर्माता भारत रत्न  डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया गया। तदोपरांत संस्था सचिव सह  दलित नेत्री सावित्री देवी ने इस सम्मेलन के आदर्शों एवं उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए विषय प्रवेश कराया।मौके पर अपने उद्गार व्यक्त करते हुए संस्था अध्यक्ष अरुण कुमार निर्झर ने कहा कि  आजादी के 70 सालों बाद भी दलित समुदायों का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया।जबकि संविधान द्वारा इसके समुचित प्रावधान भी किए गए हैं।इसके पीछे सिर्फ सामाजिक वातावरणऔर सरकार की इच्छा शक्ति ही नहीं बल्कि स्वयं दलितों की अपनी मानसिकता भी बराबर की जिम्मेदार है।क्योंकि समाज में चारों तरफ इसके प्रमाण बिखरे पड़े हैं कि दलित समुदाय के ही जिन लोगों ने ठान ली संविधान की रोशनी में अपनी तकदीर संवार ली। दलित समाज को समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए रूढ़ियों,अंधविश्वासों, अशिक्षा,अज्ञानता व नशा पान जैसी कुरीतियों से उबरना होगा।

        दलित अधिकार मंच के जिला संयोजक रामु आनंद ने उपस्थित लोगों को संवैधानिक मूल्य और उनके मानवाधिकारों से अवगत कराते हुए खास तौर पर युवाओं को संवैधानिक व मानवाधिकारों से लैस करते हुए समाज के दबे- कुचले और वंचितों के अधिकार के लिए आवाज उठाने हेतु प्रेरित किया। इसके अलावा ग्राम विकास फाउंडेशन के सुचिंद्र भगत, महिला नेत्री कल्पना कुंवर तथा दलित अधिकार सचेतक उत्तम कुमार दास आदि ने आज की व्यवस्था में परिवर्तन तथा समतामूलक समाज के निर्माण हेतु संगठन एवं ग्राम सभा की मजबूती पर बल दिया।

        इस अवसर पर सुलेखा देवी,पूनम कुमारी,पूजा कुमारी,अन्नु कुमारी,गुलाबो देवी,मालती देवी,रामदेव कुमार,अशोक मांझी,दिनेश मांझी, सुशील कुमार समेत दर्जनों महिला-पुरुष उपस्थित थे।

No comments