धूमधाम से मनाया सोहराय पर्व



देवघर देवीपुर प्रखंड के अन्तर्गत विभिन्न  बाहुबली आदिवासी गांव क्षेत्रों में आज बुधवार को धूमधाम के साथ संताल आदिवासी समुदाय के बीच सोहराय पर्व मनाया जा रहा है । यह पर्व पांच दिनों का होता है जो पशुधन पूजन प्रधान पर्व के रूप में मनाया जाता है। मकर संक्रांति के पांच दिन पूर्व इस पर्व में नहाय कुम डुबरु के साथ गढ़ थान में पूजा होती है। दुसरे दिन गुहाल पूजा में पुरुष लोग पूजा करते हैं। गढ़ थान में अंडा खेला का आयोजन अपने पशुधन के साथ किया जाता है। नायकी गढ़ थान से मांदर बजाते घर आते हैं। रात्रि में गोधन चुमान होता है। अगली सुबह महिलाएं गो पूजन करती है। खूंटउ,हाकु काटतम व सांकरात के बाद अंतिम दिन जाली मनाया जाता है जिसमें सिरिंग गाते लोग एक दूसरे के घर जाते हैं और हड़िया पेय पीते हैं। आपसी बेर भुला कर गले मिलते हैं। यह पर्व झुणडी, पनाबोन, सरूका, धर्मपुर के लगभग सभी आदिवासी गांवों में मनाया जा रहा है।

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