किसानों को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाना सरकार व जिला प्रशासन की प्राथमिकताः-उपायुक्त



संयुक्त कृषि भवन के सभागार में जिलास्तरीय रब्बी कार्यशाला 2020-21 का शुभारम्भ द्वीप प्रज्वलित कर उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री, अनुमंडल पदाधिकारी  दिनेश कुमार यादव एवं उपस्थित अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यशाला के दौरान उपायुक्त द्वारा कृषि कार्यालय के सभागार में उपस्थित अधिकारियों, बी0टी0एम0, ए0टी0एम व कृषक मित्रों को संबोधित करते हुए कहा गया कि वर्तमान में केन्द्र व राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि कृषक मित्रों को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाते हुए आगामी वर्ष 2022 तक हमारे देश के सभी किसानों की आय को दोगुनी की जाय, ताकि उनके आर्थिक स्थिति में सुधार लाकर सही मायने में विकास किया जा सकें। झारखण्ड राज्य के साथ-साथ देवघर जिले में कृषि की अपार संभावनाएँ हैं और ऐसे में यदि हम सभी टीम भावना के साथ मिलकर कार्य करें और सरकार द्वारा चलायी जा रही कृषि योजनाओं को सही ढंग से धरातल पर उतार पायें तो वह दिन दूर नहीं है जब किसानों की आय दोगुनी हो जायेगी।

इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री द्वारा जानकारी दी गयी कि वर्ष में दो बार रब्बी और खरीफ फसल से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया जाता है, ताकि फसलों के पैदावार में किसानों को सरकार की ओर से हर संभव सुविधा मुहैया करायी जा सकें। साथ हीं उन्होंने कहा कि रब्बी फसल की बुआई का सबसे सही समय अभी हीं है, क्योंकि धान की कटाई के बाद खेतो में नमी होती है, जिससे रब्बी फसलों की बुआई में आसानी होती है और आने वाले मौसम को देखते हुए कहा जा सकता है कि रब्बी फसलों की बुआई यदि ससमय हो जाय तो इसकी अच्छी पैदावार होगी। वर्तमान में कृषि के अलावा पशुपालन के अन्तर्गत सुअर पालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन, गौ पालन व मधुमक्खी पालन से जोड़ने व किसानों की स्थिति को और भी सुदृढ़ करने हेतु फूल, सोयाबीन, मशरूम, फलदार वृक्ष के साथ-साथ पपीता की खेती पर भी विशेष ध्यान देते हुए किसानों के आय के स्त्रोत में वृद्धि लायी जा सके। इसके अलावे मछली उत्पादन के विषय में बात करते हुए उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा बतलाया गया कि देवघर जिले में मछली का वृहद स्तर पर उत्पादन करने की क्षमता है। ऐसे में सामुहिक प्रयास से आगे आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में बेहतर परिणाम देखने को मिल सकता है। साथ हीं उनके द्वारा कहा गया कि दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी देवघर जिला में काफी संभावनाएं हैं, जिसे देखते हुए सारठ में दुग्ध केन्द्र बनाया जा रहा है। 

■ कार्यशाला के दौरान उपायुक्त ने बर्ड फ्लू व कोरोना वैक्सिन के प्रति लोगों को किया जागरूक....

इसके अलावे कार्यशाला के दौरान उपायुक्त द्वारा जानकारी दी गयी कि इस वर्ष रब्बी मौसम में देवघर जिले में खाद्यान्न का लक्ष्य 61800 हेक्टेयर है। ऐसे में इस वर्ष रब्बी मौसम में अच्छादन बढ़ाने के लिए कृषि विकास कार्यों पर विशेष बल देने की आवश्यकता है। सबसे महत्वपूर्ण हम सभी को चालू 15वीं पंचवर्षीय योजना में झारखण्ड राज्य को खद्यान्न के मामले में स्वावलम्बी बनाना है। इसके साथ ही प्रत्येक परिवार के लिए खाद्यान्न तथा पोष्टिकता की सुरक्षा के साथ पर्यावरण को संतुलित बनाने रखना, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बरकरार रखना, आॅरगेनिक खेती पर बल देते हुए जिले में कृषि विभाग को एक शास्वत विकास का रूप देना माननीय मुख्यमंत्री जी का उद्देश्य है। वर्तमान में प्रत्येक ग्राम का एक कृषि कार्य योजना, जनसेवकों एवं प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी के माध्यम से तैयार कराना, ताकि क्षेत्र विशेष के अनुसार फसल प्रणाली एवं प्रभेद का चयन किया जाना संभव हो सकेगा। जिला स्तर, प्रखंड स्तर एवं पंचायत स्तर तक कृषि कार्य से जुड़े पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं किसानों को सभी नई तकनीक का प्रशिक्षण देना। किसान गोष्टी आयोजित कर कृषि वैज्ञानिकों को किसानों के सम्पर्क में रखना, उनकी समस्याओं का निदान करना एवं उनके द्वारा अपनायी खाने वाली तरीके में सुधर लाने हेतु उन्हें प्रोत्साहित करना । 

इसके अलावा उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निदेशित किया कि पानी रोको अभियान को जारी रखने हेतु किसानों को प्रोत्साहित करते रहें। साथ हीं आवश्यकतानुसार स्थल चयन कर सिंचाई संसाधनों का बेहतर उपयोग हेतु किसानों को प्रेरित करते हुए दलहनी एवं तेलहनी फसलों के अलावा गेहूँ की उपज बढ़ाने हेतु  विधि से गेहूँ की खेती करने की जानकारी किसान को उपलब्ध कराएँ। साथ हीं कृषि कार्य में उन्नत कृषि यंत्रों के उपयोग से होने वाले लाभ से किसानों को अवगत कराते हुए प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना से लाभान्वित किसानों को शत प्रतिशत के0 सी0 सी0 का लाभ दिलाने का निदेश अधिकारियों को दिया। वहीं कार्यशाला के दौरान उपायुक्त ने कोरोना वैक्सिन व बर्ड फ्लू के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए सावधान व सतर्क रहने की बात कही।

इस मौके पर संताल परगना प्रमण्डल के कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक  अजय कुमार सिंह द्वारा बतलाया गया कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय में वृद्धि लाते हुए इसे दोगुुना करने का सपना हमारे प्रधानमंत्री जी द्वारा देखा गया है, जिसे हम सभी के सामूहिक प्रयास से हीं संभव किया जा सकता है। वहीं उनके द्वारा कहा गया कि संताल में कृषि के क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं। हमारे पास प्रचुर मात्रा में जमीन उपलब्ध है और सरकार द्वारा भी इस दिशा में किसानों की सहायता हेतु हर संभव प्रयास भी किया जा रहा है। ऐसे में अगर मेहनत कर इसका सही उपयोग किया जाय तो इससे किसानों की आय में वृद्धि लायी जा सकती है। साथ हीं प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत् ड्रीप सिस्टम के अन्तर्गत 90 प्रतिशत किसानों को सब्सिडी दी जाने एवं इससे कम पानी में भी अच्छी खेती की जा सकने की बात भी कही गयी। कार्यशाला में कृषि पदाधिकारी द्वारा इस बार रब्बी फसल की दोगुनी पैदावार होने की आशा व्यक्त करते हुए कहा गया कि किसानों को अच्छी पैदावार होने हेतु सरकार द्वारा इस दिशा में हर संभव प्रयास किया जा रहा  है, ताकि उपज में वृद्धि लाकर किसानों की आय में बढ़ोतरी की जा सकें। 

इसके अलावे कार्यशाला के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी द्वारा अपने-अपने विभागों से कृषक मित्रों को दी जाने वाली योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। 

कार्यशाला में उपरोक्त के अलावा कृषि विभाग के संताल परगना के संयुक्त निदेशक, कृषि पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, आत्मा परियोजना उप निदेशक, बीटीएम, एटीएम, सभी प्रखण्डों के प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी सहित संबंधित विभाग के अधिकारीगण, कर्मी व अन्य उपस्थित थें।

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