बेटियाँ है समाज का उपायुक्त ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को लेकर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना



देवघर शुक्रवार को उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी  मंजूनाथ भजंत्री द्वारा समाहरणालय परिसर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’’ अभियान के तहत जागरूकता रथ को हरि झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने जानकारी दी कि आज सरकार द्वारा चलायी जा रही महत्वकांक्षी योजना बेटी बचाव बेटी पढ़ाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ जिला प्रशासन की ओर से हर संभव सुविधा देवघर जिला की बेटियों को दी जा रही है। आज महिलाओं की महत्ता हमारे समाज में लगातार बढ़ रही है। आज हम अपने आस-पास भी देख सकते है कि कैसे बेटियां हमारे देश को गौरवान्वित कर रही है। आज की महिलाएं देश, राज्य के विकास में बराबर की भागीदारी निभा रही है। साथ हीं अपना क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कर रही है। पूर्व की समय में ऐसा नहीं था। उस वक्त कई तरह की भ्रांतिय, कुरीतियों हमारे समाज में फैली थी उन सभी भ्रांतियों, कुरीतियों को दूर करते हुए आज की नारी विकास की नयी गाथा लिख रही है तथा अपने साथ-साथ पूरे समाज के विकास में अपनी सहभागिता निभा रही है। आज महिलाओं के आर्थिक स्तर से लेकर समाजिक स्तर में जो बदलाव आये है। 

आज हम सभी को कृतसंकल्पित होकर पहले पढ़ायी फिर बिदायी के साथ-साथ बेटा बेटी एक समान शिक्षा व पर्याप्त पोषण देना सुनिश्चित करना होगा। बच्चियों के साथ भेदभाव जारी रहा तो लड़के और लड़कियों के बीच का चिंताजनक स्थिति तक पहुंच चुका अनुपात और भी गहरा हो जाएगा। आज के समय में बेटियों के साथ भेदभाव करना एक मानसिक बीमारी को दर्शाता है। वर्तमान समय में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा व उनके सम्मान से हीं आर्दश समाज की कल्पना को साकार कर पाएंगे।

इसके अलावे उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री ने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि पूराने कुरीतियों को समाप्त करते हुए बेटियों के लिए एक नया और शिक्षित समाज के निर्माण में आप सभी की भागीदारी आपेक्षित है, ताकि अन्य राज्यो के लिए एक उदाहरण के रूप में देवघर जिला को पेश किया जा सके। जिले में 1000 बेटे पर औसतन 778 बेटियां:-उपायुक्त.

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री ने वर्तमान में देवघर जिला अन्तर्गत घटते लिंगानुपात को देखते हुए सभी से सहयोग की बात करते हुए कहा कि हम सभी मिलजुल कर बेहतर तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि इस घटते आंकड़े को रोकते हुए इसे बेहतर बनाया जा सके। आज के समय में अल्ट्रासाउंड जांच में गर्भस्थ शिशु के ‘‘लिंग‘‘ की जांच करने और कराने के खिलाफ लोगों में जागरूकता फैलाना अतिआवश्यक है। गर्भवती महिला की अल्ट्रासाउंड जांच का इस्तेमाल गर्भस्थ शिशु के विकास की गतिविधियों पर नजर रखकर उसकी खामी दूर करने के लिए होना था। मगर इसका गलत इस्तेमाल कन्या भ्रूण हत्या के लिए किया जा रहा है। ऐसे में जरूरत है कि हम सभी मिलजुल कर कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा को दूर करते हुए ऐसा करने वाले लोगों को चिन्ह्त करते हुए विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई करें।

कार्यक्रम के पश्चात उपायुक्त  मंजूनाथ भजंत्री द्वारा हस्ताक्षर अभियान व Selfie with Daughter की शुरूआत की। साथ हीं बेटी बचाव, बेटी पढ़ाव अभियान से संबंधित पम्पलेट, कलम, चाॅकलेट एवं एक पत्र बेटियों के पिता के नाम का वितरण किया गया। साथ ही जिलावासियों से अपील करते हुए उपायुक्त ने कहा कि दस बेहतर #SelfieWithDaughter और 05 बेटियों के प्रेरणादायक कहानियों को जिला प्रशासन द्वारा पुरिस्कृत किया जाएगा। इसके लिए आपको अपनी कहानी या सेल्फी को @DCDeoghar ट्विटर एकाउंट या फेसबुक पेज पर टैग करना होगा, जिसके पश्चात प्रतिभागियों के चयन किया जायेगा।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त  संजय सिन्हा, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी  रवि कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी  अनिता कुजूर एवं सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी  रोहित कुमार विद्यार्थी, विभिन्न प्रखण्डों के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी  संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मी आदि उपस्थित थे।

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