नगर पंचायत राजमहल क्षेत्रांतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के चतुर्थ-घटक लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण हेतु नया आवेदन किया जार है आमंत्रित



साहिबगंज संवाददाता:--राजमहल अनुमंडल पदाधिकारी हरिवंश पंडित ने जानकारी देते हुए बताया कि चतुर्थ घटक: लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत  आवास निर्माण  नगर पंचायत राजमहल क्षेत्रांतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के चतुर्थ-घटक लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण हेतु नया आवेदन आमंत्रित किया जा रहा है। उन्होंने बताया की वैसे लाभुक जो पात्रता रखते हैं, अपना आवेदन पत्र, वांछित दस्तावेज़ के साथ  03 फरवरी तक कार्यालय नगर पंचायत राजमहल में जमा कर सकते हैं। सुयोग लाभुकों का चयन पीएमएवाई (शहरी) संकल्प के दिशानिर्देशों के अनुसार आवेदक द्वारा भरे गए सत्यापन प्रपत्र स्थानीय वार्ड के वरीय प्रभारी के माध्यम से कार्यालय में जमा लिए जाएंगे।उन्होंने बताया की लाभुकों को आवास स्वीकृति हेतु यह ध्यान रखा जाए कि आवेदक/आवेदक परिवार के नाम पर भारत में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए, योजनान्तर्गत लाभुक परिवार में पति, पत्नी, एवं अविवाहित बच्चे शामिल होंगे, आवेदक का संबंधित निकाय क्षेत्र में अपना ज़मीन होना चाहिए, लाभार्थी आर्थिक रूप से कमज़ोर आय वर्ग के होंगे, जिनकी वार्षिक आय अधिकतम ₹3,00,000.00 लाख हो, लाभार्थी प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के शुभारंभ की तिथि 17.06.2015 के पूर्व से नगर पंचायत क्षेत्र में निवास करते हों, लाभुक मिशन के विभिन्न घटकों में से किसी एक घटक का ही लाभ ले सकते है।मिशन अन्तर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार से कुल अंशदान ₹2,25,000.00 लाख मिलेगा एवं लाभुक को स्वयं का अंशदान ₹1,37,000.00 लाख लगाना होगा। आवेदक के द्वारा संलग्न किए जाने वाले कागज़ातों में सत्यापन प्रपत्र, पारिवारिक फोटो, मतदाता पहचान पत्र की छाया प्रति, बैंक अकाउंट पासबुक की अपडेटेड छायाप्रति, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की छाया प्रति, भारतवर्ष में कहीं भी पक्का मकान नहीं होने का शपथ पत्र, भू स्वामित्व पत्र, होल्डिंग टैक्स रसीद की छायाप्रति, ज़मीन 300 से 500 वर्गफीट का हो, ज़मीन का विवरण जैसे भूमि का क्षेत्रफल, मौजा/खेसरा/थाना/प्लॉट/वार्ड संख्या, जिला, आवेदक का मोबाइल नंबर अनिवार्य है। आवास निर्माण हेतु शहरी क्षेत्र में सरकारी/खास/रेलवे की ज़मीन का उपयोग नहीं होना चाहिए।अनुमंडल पदाधिकारी  ने बताया कि निर्माण स्थल में किसी भी प्रकार का विवाद/कानूनी प्रक्रिया ना चल रही हो, ऐसे मामलों में, वैसे लाभुक इस योजना के लाभ हेतु वंचित रहेंगे। साथ ही जांच के क्रम में वर्णित बिंदु अगर असत्य पाए जाते हैं तो नगर पंचायत, राजमहल, विधिवद कानूनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होंगे।

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