देवघरवासियों ने स्व. अभय कुमार वर्मा को दी श्रद्धांजलि



देवघर  मनुष्य मरणशील है। एक दिन न एक दिन हम सभी को मृत्यु को स्वीकार करना ही है। जैसा की हम जानते है की जब इंसान ने जन्म लिया है तो उसकी मृत्यु भी अवश्य है, उसको कोई नही टाल सकता है, क्यूंकि यह रीति ऊपर से ही है। अपने शहर के पुरनदाह स्थित न्यू नेक्सस पब्लिक स्कूल के निदेशक अभय कुमार वर्मा की पिछले 11जनवरी को आकस्मिक मृत्यु से पूरा शहर मर्माहत है।

 स्थानीय विवेकानंद शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान तथा योगमाया मानवोत्थान ट्रस्ट के युग्म बैनर तले दिवंगत आत्मा की शांति हेतु कामना की गई। मौके पर विवेकानंद संस्थान के केन्द्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव ने कहा- स्व. अभय एक हँसमुख इंसान थे।उनकी पत्नी बेबी मेरी छात्रा रह चुकी है। यह संसार प्रकृति के नियमों के अधीन हैं और परिवर्तन एक नियम है। शरीर तो मात्र एक साधन है। इस दुःख की घडी में हम सब उनके परिवार के साथ हैं। शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना है। बाबा बैद्यनाथ उनकी आत्मा को शांति दे। जो इस दुनिया में आया हैं, उसे जाना ही होगा। हम सब मिल कर यही उपर वाले से दुआ करे कि अभय को जन्नत नशीब हो। जीवन की यह एक सच्ची कहानी हैं, मृत्यु एक दिन सबको आनी हैं। एक शिक्षक और दोस्त की यादें सिर्फ रह गई है।

योगमाया ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष ई. अंजनी कुमार मिश्रा ने कहा- स्कूल के कई कार्यक्रमों में अभय से मेरी मुलाकात हुई थी। वे अत्यंत सभ्य और सुशील व्यक्ति थे। ईश्वर से बड़ा कोई नहीं, उनकी मर्जी के एक पत्ता भी नहीं हिलता। वो जो भी करते हैं अच्छा करते हैं, क्योंकि जीवन और मृत्यु सब उनके हाथ में है। हमें बस यही प्राथना करनी चाहिए कि दिवंगत आत्मा को इश्वर शांति प्रदान करे और उन्हें अपने चरणों में स्थान दे …. ॐ शान्ति !

कोर्निक स्कूल ऑफ आर्ट के संचालक अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चित्रकार पाबन राय ने कहा- अभय मुझसे हमेशा कहा करते थे कि उनके विद्यालय में एक बार जाऊँ। अब उनके साथ उनके विद्यालय में कुछ पल बिताना एक सपना ही रह गया। दुःखद समाचार जैसे ही प्राप्त हुआ, थोड़ा देर के लिए स्तब्ध रह गया। इस दुःख भरे समय में ईश्वर उनके

परिवार को शक्ति और साहस दे। अच्छे लोग दिलों में इस तरह उतर जाते हैं, कि मरने के बाद भी अमर हो जाते हैं।

देवघर जिला प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष सह आर. मित्रा स्कूल के पूर्व प्रधानाध्यापक श्रीकांत झा ने कहा- अभय की आकस्मिक मृत्यु से हम वास्तव में अचंभित रह गए। मृत्यु सत्य है और शरीर नश्वर हैं, यह जानते हुए भी अपनों के जाने का दुःख होता हैं। हमें ईश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए कि दिवंगत आत्मा को शांति और मोक्ष प्रदान करें। उनकी कमी हमें सदा खलेगी।

एसोसिएशन के सचिव सह सुप्रभा शिक्षा स्थली के निदेशक प्रेम कुमार ने कहा- विगत अप्रैल से स्कूल बंद है। हम सभी तनाव में तो हैं और इसी विपत्ति में हमने एक सच्चा मित्र को खोया। उनकी कमी तो पूरी नहीं हो सकती है, परन्तु हम उनके द्वारा स्थापित विद्यालय को तन मन से सहयोग कर जीवित रखने की चेष्टा कर सकते हैं। ईश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान प्रदान करें !

तंजानिया से संदीप कुमार ने अपने संदेश में कहा-अभय के निधन से गहरा दुःख हुआ। यह हम सभी के लिए एक अपूरणीय क्षति हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शन्ति दे और

परिजनों को संबल प्रदान करें ! जब हम अपने जीवन में इस तरह के एक विशेष व्यक्ति को खो देते हैं, समय रुकता प्रतीत होता है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। हम सदैव उनके परिवार के साथ रहेंगे !

संकुलसेवी साधन, करौं राकेश कुमार राय ने कहा- हमनें एक कुशल शिक्षक को खोया। अभय का इस वक्त जाना,

बिल्कुल विश्वास नहीं हो रहा है। ईश्वर की लीला है, वक्त के साथ जख्म तो भर जायेंगे, मगर जो बिछड़े सफर जिन्दगी में। फिर ना कभी लौट कर आयेंगे। भावभीनी श्रद्धांजलि। ॐ शांति ॐ।

पटना से मधुकर मेहरोत्रा ने कहा - अभय वर्मा की आकस्मिक मृत्यु से दिल को काफी चोट मिली। अच्छे लोगों को भगवान अपने पास जल्द बुला लेता, उन्हें अपने साथ  रखना चाहते हैं। ऐसी दिवंगत आत्मा को शत शत प्रणाम। ईश्वर इनकी आत्मा को मोक्ष प्रदान करे ! प्रिय की आत्मा को शांति से विश्राम दिया जा सकता है।

इनके अलावे ग्रीनविच स्कूल के निदेशक राज कुमार वर्मा, जया वर्मा, सुपर्ब स्कॉलर स्कूल के निदेशक प्रदीप कुमार केशरी, शंकरा मिशन स्कूल के निदेशक विजय प्रताप सनातन, ए एस. कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. नागेश्वर शर्मा, रेड रोज स्कूल के प्राचार्य रामसेवक सिंह 'गुंजन', द हेराल्ड स्कूल, दुमका की निदेशिका तापोसी गांगुली, रिषरा से सुजीत लाहिड़ी के साथ साथ देवघर एवं पास के इलाकों के शिक्षक बंधु, उनके विद्यार्थी, सगे संबंधियों ने भी दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की।

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