30 जनवरी को लीगल सर्विसेज सह जागरूकता कैंप का होगा आयोजन



साहिबगंज संवाददाता:-- अंतिम व्यक्ति तक विधिक सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से डालसा द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से आगामी 30 जनवरी को लीगल सर्विसेज सह जागरूकता कैम्प का आयोजन किया जाएगा।आगामी 30 जनवरी 2021 को विधिक सेवा समिति नालसा के अंतर्गत सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत आदिवासियों के अधिकारों के संरक्षण और प्रवर्तन के लिए विधिक सेवाएं योजना तथा अन्य योजनाओं में उनके लीगल राइट्स  जागरूकता के संबंध में विधिक शिविर का आयोजन किया जाएगा।इसी संबंध में उपायुक्त रामनिवास यादव ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ एक बैठक की ।जिसमें उन्होंने बताया कि नालसा लीगल सर्विसेस कैंप का मुख्य उद्देश्य आदिवासी, पहाड़िया, पिछड़े जाती/जनजाति यथा नागरिकों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ते हुए उनके लीगल राइट्स को बताना है। एवं उन्होंने सभी पदाधिकारियों से कैप में आवश्यक सहायता प्रदान करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।उन्होंने बताया कि झारखंड स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी ने 8 योजनाएं यथा मानवता कर्तव्य, श्रमेव वन्दते, तृप्ति चेतना, निरोगी भवः,आत्म निर्भर भारत और शक्ति जो महिलाओं विधवा महिलाएं बच्चों भुज बुजुर्ग एसटी एससी एवं पीड़ित लोगों के लिए बनाई गई योजनाएं है इसके अंतर्गत पारा लीगल वालंटियर उक्त योजनाओं के अंतर्गत तथा इसके अलावा पेंशन संबंधित योजनाएं, आवास से संबंधित योजनाएं, स्वास्थ्य योजनाएं, खधान्न संबंधित योजनाएं एवं लाइवलीहुड से संबंधित योजनाएं स्कॉलरशिप स्कीम्स कंपनसेशन स्कीम एवं अन्य  स्कीम से जुड़ी योजनाओं के कागजात पूर्ण करने हेतु तथा लाभुकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने में मदद पहुंचाएंगे।साथ ही उन्होंने कहा कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को निशुल्क विधिक सहायता एवं विधिक सेवा सुनिश्चित कराया जाना ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार का प्रमुख कार्य है। आर्थिक रूप से कमजोर व वंचित वर्ग में कानून के प्रति विश्वास बनाये रखने के लिए भी ऐसे कैम्प का आयोजन अति आवश्यक है।


क्या है नालसा:प्रत्येक राज्य में एक राज्य कानूनी सहायता प्राधिकरण तथा प्रत्येक उच्च न्यायालय में एक उच्च न्यायालय कानूनी सेवा समिति गठित की गई है। जिला कानूनी सहायता प्राधिकरण और तालुका कानूनी सेवा समितियां जिला और तालुका स्तर पर बनाई गई हैं। इनका काम नालसा की नीतियों और निर्देशों को कार्य रूप देना और लोगों को निशुल्क कानूनी सेवा प्रदान करना और लोक अदालतें चलाना है। राज्य कानूनी सहायता प्राधिकरणों की अध्यक्षता संबंधित जिले के मुख्य न्यायाधीश और तालुका कानूनी सेवा समितियों की अध्यक्षता तालुका स्तर के न्यायिक अधिकारी करते हैं।

झालसा एप्प के माध्यम से लीगल सर्विसेज हुई आसान:

विधिक सहायता के लिए जरूरतमंद लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार या राज्य विधिक सेवा प्राधिकर के समक्ष स्वंय जाकर या आवेदन भेज कर सहायता लेने का आग्रह करने की आवश्यकता नही है अब एप्प के ज़रिए जैसे ही कोई व्यक्ति अनुरोध करेगा इसकी जानकारी झालसा को हो जाएगी और झालसा तुरंत ही अपने पैनल के अधिवक्ता को मामले से संबंधित जानकारी भेज देगा।


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