साइबर क्राइम के आरोप में 12 साइबर आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार जिसमे राजस्थान के आईएएस अधिकारी के ससुर से ठगी का भी आरोपी शामिल



देवघर। पुलिस अधीक्षक अशिवनी कुमार सिन्हा को मिली गुप्त सूचना के आधार पर  ,साइबर डीएसपी नेहा बाला व मुख्यालय डीएसपी मंगल सिंह जामुदा व साइबर इंस्पेक्टर संगीता कुमारी  की अगुवाई में  साइबर  थाना की पुलिस ने  सारठ थाना क्षेत्र के सधरिया, सिमरजोर, जमुआ, चितरा थाना क्षेत्र के श्री डंगाल , मधुपुर थाना क्षेत्र के लाना गांव मोहनपुर थाना क्षेत्र के बांक, सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र के भिखोडीह व देवीपुर थाना क्षेत्र के सधवाडीह, गिधैया में छापेमारी कर कुल 12 साइबर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।  पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी अशिवनी कुमार सिन्हा ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि   विभिन्न  थाना क्षेत्रों में   फिर साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं छापेमारी में पकड़ा जा सकता हैं। उसी के आधार पर एसपी श्री सिन्हा ने   साइबर डीएसपी नेहा बाला व मुख्यालय डीएसपी मंगल सिंह जामुदा  व साइबर इंस्पेक्टर संगीता कुमारी की अगुवाई में  साइबर टीम का गठन किया और छापेमारी करने का निर्देश दिया। एसपी श्री सिन्हा के निर्देश पर छापेमारी कर कुल 12 साइबर आरोपियों को पुलिस ने  धर दबोचा।  जिसमे 09 जनवरी को राजस्थान के एक वरीय आईएएस अधिकारी के ससुर से 25294 रुपये ठगी का आरोपी सूरज मंडल भी शामिल हैं।सभी गिरफ्तारी उनके घर से किया गया। साथ ही इन लोगों के पास से पुलिस ने 16 मोबाइल, 20 सिम कार्ड ,  08 एटीएम , 05 पासबुक, 05 चेक़बूक, सहित नकद 46500 रुपये  बरामद किया हैं। एसपी श्री सिन्हा ने बताया कि   09 जनवरी को राजस्थान के एक वरीय आईएएस अधिकारी के ससुर से एसबीआई का ग्राहक अधिकारी बनकर उसे झांसे में लिया और कुल 25294 रुपये की ठगी की थी। इस संदर्भ में राजस्थान के भिडवी थाना में थाना कांड संख्या 23/21 दर्ज किया गया था जिसमे अनुसंधान के क्रम में देवघर से ठगी होने की बात प्रकाश में आई थी। वहां की पुलिस देवघर पुलिस से सम्पर्क किया। आज गिरफ्तारी में सूरज मंडल पकड़ा गया। उसने पुलिस अधीक्षक के समक्ष अपना जुर्म कबूला और अपने अन्य साथियों का नाम भी बताया जिसमे अरुण यादव, रामबाबू, कार्तिक कुमार व गणेश राजवार के सलिप्त होने की जानकारी दी। पुलिस सभी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं। साथ ही सिन्हा ने बताया कि एक  गिरफ्तार साइबर आरोपी  प्रकाश मंडल जो सीएसपी संचालक हैं जो सभी साइबर आरोपियों को साइबर ठगी का पैसा निकासी में मदद करता था और बदले में उससे 20 प्रतिशत कमीशन भी लेता था।

कैसे करते हैं ठगी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी ने बताया कि ये लोग मोबाइल के सहायता से लोगों को कॉल लगाकर उसे किसी बैंक का ग्राहक अधिकारी बताकर उसे एटीएम बंद होने की जानकारी देता हैं और झांसे में लेकर उसके मोबाइल पर ओटीपी भेजकर उससे खाते से ठगी करते हैं। इतना ही नही ये लोग केवाईसी अपडेट के नाम पर भी ग्राहकों को ओटीपी भेजकर उससे ठगी करते हैं। एसपी ने यह भी बताया कि ये लोग विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक एप्प्स के साइट पर जाकर उसके साइट को छेड़छाड़ कर ग्राहक सेवा अधिकारी के नम्बर के जगह अपना नम्बर डाल देते हैं जिससे कि कोई भी यूजर जब ग्राहक सेवा अधिकारी से बात करने के क्रम में अपना डिटेल्स को साइबर अपराधियों को दे देते हैं जिससे की बड़ी आसानी से ठगी के शिकार बन जाते हैं। और जब वे पुनः बात करते हैं तो उसे रिफण्ड के नाम पर उसे फंसाकर उसके मोबाइल पर ओटीपी भेजकर उसके खाते से दोबारा ठगी कर लेते हैं।  इतना ही नही अब ये लोग सीएसपी संचालक के मिलीभगत से भी साइबर अपराध का अंजाम देते हैं।  गिरफ्तार साइबर अपराधियों में से एक सीएसपी संचालक भी हैं जो विभिन्न साइबर अपराधियों से अपने खाता में पैसा भेजवाकर उससे कमीशन स्वरूप 20 प्रतिशत भेजे राशि का लेते थे। गिरफ्तार साइबर आरोपियों के आपराधिक इतिहास के बारे में एसपी  श्री सिन्हा ने बताया कि सभी साइबर आरोपियों के आपराधिक इतिहास की  जांच की जा रही हैं। फिलहाल इनलोगों के विरुद्ध साइबर थाना में साइबर ठगी की प्राथिमिकी दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी में जुटी हैं।

किस किस की हुई गिरफ्तारी

गिरफ्तार साइबर अपराधियो में से सूरज मंडल पालोजोरी के   डूमर कोला गांव, अली अकबर मधुपुर के लाना मोहल्ला , प्रकाश मंडल सारठ थाना के सदरिया गांव, कलीम अंसारी चितरा थाना के श्री डंगाल गांव , उपेश राणा सारठ थाना के जमुआ गांव , अमर कुमार, आकाश कुमार, व  नीतीश कुमार दास तीनों देवीपुर थाना के सधवाडीह गांव, विवेक कुमार दीपक कुमार दोनों भाई हैं तथा दोनों की गिरफ्तारी देवीपुर थाना क्षेत्र के गिधैया गांव के रहनेवाले हैं। वही मनोज कुमार यादव तथा जितेंद्र कुमार मिर्धा दोनो सोनारायठाढ़ी थाना के भिखोडीह गांव के रहनेवाले हैं।

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