मुखिया को चढ़ावा चढ़ाने के बाद भी नहीं मिलता है गरीबों को आशियाना



गोड्डा : जिला के पैरडी पंचायत कोडी बहियार गांव मुखिया का अजीबोगरीब  गरीब कहानी है बताया जा रहा है कि यहां के मुखिया जब तक उनको चढ़ावा चढ़ाते नहीं तो गरीबों को रहने का आशियाना नसीब नहीं होता है लेकिन यह भी कहना मुश्किल है ये आरोप हम नहीं लगा रहे हैं यह आरोप गांव के ग्रामीणों ने लगा रहा है  यहां के मुखिया के ऊपर जो महिलाओं ने आरोप लगाया है वह आरोप सुनकर आप दंग रह जाएंगे जरा गौर से सुनिए ना और यही ही नहीं जरा इस गांव की तस्वीर को देखेंगे तो आप भी दंग रह जाएंगे विकास तो हुआ ही नहीं यह हम नहीं कह रहे हैं यहां के ग्रामीण कह रहा हैं यहां के ग्रामीण मुखिया से नाराज होकर हद तक भी पार हो गया और यह भी नहीं मुखिया को गालियां तक भी दे दिया गालियां देना तो मुखिया को उचित नहीं था लेकिन मुखिया के कार्यकाल से नाराज ग्रामीण को गुस्सा ही इतना था कि मुखिया को गाली भी दे दिया ग्रामीणों ने मुखिया के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा है मुखिया जो भी काम करता है वह अपने लिए करता है या मुखिया वंशवाद है समाज के लिए मुखिया ने आज दिन तक काम ही नहीं किया और कहा मुखिया ने जनता को लूट कर  अपना परिवार अपना बच्चा अपना घर का भविष्य उज्जवल क्या है गरीबों ने मुखिया को वोट देकर बड़ा शौक से जिताया था कि हमें घर नहीं है रहने का और हमें आशियाना मिल जाएगा लेकिन मुखिया ने हमसे 2000 रुपैया भी लिया और फिर भी आवास नहीं मिला गरीबों के सपनों का आशियाना पैसा देने के बाद भी पूरा नहीं हो सका गरीबों को आवास देने की सरकारी मंशा में व्यवस्था की उदासीनता का इससे बड़ा नमूना कम ही देखने को मिलता सरकार ने इसी उम्मीद के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की थी कि 2022 तक प्रत्येक गरीब व्यक्ति को रहने के लिए पक्का आशियाना हो वहीं गरीब भी यहीं उम्मीद लगाए बैठें हैं कि उन्हें रहने के लिए सिर पर पक्की छत मिलेगीं। लेकिन सच तो यह हैं कि मुखिया को पैसा देने के बाद भी आवास योजना का लाभ नहीं मिला वहीं अमीर प्रभावशाली लोगों की बल्लें- बल्ले हो रहीं हैं

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