शिक्षकों ने शुक्रवार को बालो दा स्डेडियम में विभिन्न जिलों में पदस्थापित देवघर जिले शिक्षकों ने बैठक कर आंदोलन को गति देने के लिए संघर्ष समिति का गठन किया



देवघर/ गृह जिला स्थानांतरण को लेकर 2015-16 में नियुक्त शिक्षकों ने शुक्रवार को बालो दा स्डेडियम में विभिन्न जिलों में पदस्थापित देवघर जिले शिक्षकों ने बैठक कर आंदोलन को गति देने के लिए संघर्ष समिति का गठन किया।

सर्व सम्मति से गृह जिला स्थानांतरण संघर्ष समिति देवघर जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार राय को बनाया गया।  राय पाकुड़ जिले के उमवि हरिगंज में प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।

वहीं संतोष कुमार झा धनबाद एवं कुन्दन कुमार शाही गोड्डा को उपाध्यक्ष, दिग्विजय नारायण सिंह धनबाद सचिव, गुंजन कुमार मंडल गोड्डा उप सचिव, उमेश प्रसाद यादव बोकारो कोषाध्यक्ष, निरंजन कुमार यादव गोड्डा संगठन मंत्री, जय प्रकाश यादव साहेबगंज  संयोजक, ललन कुमार धनबाद सह संयोजक एवं संजय कुमार सिंह को समिति का संरक्षक चुना गया।

नव निर्वाचित जिला अध्यक्ष सह मिडिया प्रभारी दिलीप कुमार राय ने बताया कि हम सबों की सेवा पांच वर्ष होने को है। नियुक्ति के समय पांच वर्ष सेवा पूरी करने के बाद गृह जिला स्थानांतरण का प्रावधान था। नियुक्ति के समय पूरे राज्य में एक तिथि को काउंसलिंग करने की बात कही गई थी लेकिन अलग-अलग जिलों में अलग-अलग तिथियों में काउंसिलिंग करने के कारण शिक्षकों की पोस्टिंग गृह जिले से बाहर दूसरे जिलों में हो गई। सभी जिलों से शिक्षकों द्वारा लगातार गृह जिले में स्थानांतरित करने की मांग की जा रही है।

श्री राय ने कहा कि गृह जिले में स्थानांतरित करने से पूरे प्रदेश के शिक्षकों को लाभ होगा साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के उद्देश्य की पूर्ति होगी । इसके लिए सरकार पर एक रुपए का भी वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

आगामी 28 दिसम्बर को सारठ में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पहुंच कर मुख्यमंत्री से गृह जिला स्थानांतरण की मांग रखी जाएगी।

सरकार के एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में अगर मुख्यमंत्री महोदय गृह जिला स्थानांतरण की घोषणा करते हैं तो हम सभी शिक्षकों के द्वारा दीपोत्सव मनाया जाएगा।

मौके पर शिक्षक ओमप्रकाश राव, प्रेम कुमार, सुनील कुमार, दिलीप कुमार सिंह, पंकज कुमार यादव, निलेश कुमार चन्दन, राजीव कुमार मिश्रा, शशि शेखर कुमार, महादेव ठाकुर, कृष्णानंद झा, मनोज सिंह, गिरधारी राय, पंकज कुमार सिंह, गोपाल रविदास समेत अन्य शिक्षक मौजूद थे।

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