अग्नि की भेंट चढ़ा किसानों की मेहनत का फल



गोड्डा जिला के बसंतराय प्रखंड के बोदरा पंचायत अंतर्गत सुरनिया गांव में देर रात खलिहान में अज्ञात कारणों से आग लग जाने से एक किसान का हजारों रूपये का धान जलकर स्वाहा हो गया। अगलगी की इस घटना के बारे में बताया जा रहा है कि  खलिहान में कुल 6 लोगो का रखा धान आधी रात को अचानक आग लग गई।धुआँ और आग की लपटें उठने से आस पड़ोस के ग्रामीणों को जानकारी होने के बाद ग्रामीण जुटे और आग बुझाने का भरसक प्रयास किया लेकिन विकराल रूप ले चुकी आग की लपटों पर काबू नहीं पाया जा सका और देखते ही देखते एक किसान की साल भर के मेहनत की फसल जलकर खाक हो गई। वहीं दमकल की गाड़ी को भी आना पड़ा,हालांकि ग्रामीणों एवं दमकल के मदद से भारी मशक्कत कर देर रात लगे आग पर सुबह तक काबू पा लिया गया।मालूम हो कि कोरोना काल के बाद उपजे हालात के बाद लोगों की स्थिति बदतर हो गयी है । और पूर्णतः खेती पर ही आश्रित ये किसान इतनी भारी नुकसान को देख  बार-बार आंसू बहा रहे हैं,ऐसे में झारखण्ड राज्य सरकार के द्वारा इस बार के धान क्रय के नियमावली में किसान अपनी धान को दो हजार रुपये प्रति क्विंटल के दर से बेचने का प्रावधान दिया गया है।इसी बीच घटना की सूचना मिलते ही क्षतिपूर्ति के मुआयना के लिए कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष आलमगीर आलम और स्थानीय पंचायत के मुखिया रामकृष्ण सिंह क्षतिस्थल पर पहुंच कर क्षतिपूर्ति का मुआयना किये और सरकार से इतनी भारी मात्रा में हुए क्षतिपूर्ति का मुआवजा देने का मांग किया।आपको बता दें कि जिस जगह ये आग लगी है ये पूरे पन्द्रह बीघा का फसल था जिसमें लगभग दस बीघा का फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गयी है,ऐसे में अब देखना ये होगा कि आखिरकार हर बार के तरह विभाग और सरकार किसानों के दर्द को अनसुना करेंगे या फिर उन्हें उनके क्षतिपूर्ति का लाभ भी दिला पाएंगे।

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