दो आंखों से दिव्यांग महिला को नहीं मिल पाया पेंशन का लाभ।



कुंडहित (जामताड़ा):कुंडहित  प्रखंड के बाघाशोला  गांव की लगभग 60 वर्ष की दोनों आंखों से दिव्यांग महिला सरीना बीबी को अभी तक सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला। बता दें कि दिव्यांग, वृद्धा पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है। बताते चलें कि सरीना बीबी एक तो उसका जीवन अंधकार में बीत रही है  वो दुनिया को अपनी आंखों से देख नहीं पाई सोची कि जो सरकार से कुछ मदद मिलेगा वह भी उसको नसीब नहीं हुआ।मालूम हो कि सरीना के दो पुत्र हैं, जो कि  दैनिक मजदूरी का काम करते हैं ।सरीना  अपने पोती के सहारे घर से बाहर चला करती है।  सरीना  बीवी एवं उनके परिवार वालों ने बताया कि लॉक डाउन से पहले  आँगन बाड़ी केंद्र की सेविका के द्वारा  दिव्यांग पेंशन फार्म बाल विकास परियोजना कार्यलय में  जमा की थी फिर से  फार्म सुधार के लिए बाल विकास परियोजना पदाधिकार हमको बुलाया गया था।  बाल विकास परियोजना  कार्यलय में दोबारा पेंशन फॉर्म भर कर जमा किए , लेकिन दो साल हो गया अभी तक  पेंशन का लाभ नहीं मिला।  बताते चले की कुंडहित  प्रखंड की  बड़ी दुर्भाग्य की बात है,जो  गरीब एवं दो आंखो से अंधी महिला को अभी तक  पेंशन  स्वीकृति नहीं हुआ है। अगर ऐसे गरीब असहाय परिवार को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिले तो प्रशासन की लापरवाही कहा जा सकता है। सरकार ने इन्हीं लोगों के लिए सरकारी योजना को स्वीकृत किया है और ऐसे लोग भी वंचित रह जाए तो विभाग की उदासीनता  को दर्शाता है ।क्या कहते हैं प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी गिरिवर मिंज ने बताया कि सरीना बीबी का  दिव्यांग 45 प्रतिशत है।  आगे बीडीओ ने  बताया कि दिव्यांग पेंशन के लिए 80 से  100 प्रतिशत  दिवंगत होना चाहिए ।इनका कम प्रतिशत होने के कारण दिव्यांग लाभ नहीं मिल पा रहा है।

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