उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री आज टाॅक टू डीसी कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों से हुए रूबरू



सम्पूर्ण जिला भर के विभिन्न प्रज्ञा केन्द्रों से ग्रामीण वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से अपनी समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखा। उपायुक्त बारी-बारी से प्रखण्ड वार उनके अधिनस्थ पंचायतों के प्रज्ञा केन्द्रों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। उपायुक्त ने सभी ग्रामीणों का नमस्कार करते हुए टाॅक टू डीसी कार्यक्रम की शुरूआत की। सबसे पहले पालोजोरी प्रखण्ड के बलजोरी पंचायत के ग्रामीणों की समस्या उपायुक्त ने सुनी। इसके बाद एक-एक कर अन्य प्रखण्डों के अलग-अलग पंचायतों से प्रज्ञा केन्द्र में आये ग्रामीणों की समस्याएं उपायुक्त ने सुनी। ज्यादातर समस्याएं सामाजिक सुरक्षा अधीन मिलने वाले विधवा पंेशन, वृद्धा पंेशन, दिव्यांग्ता पेंशन, जन वितरण प्रणाली अंतर्गत दी जाने वाली अनाज, राशन कार्ड नहीं बनने संबंधी, प्रधानमंत्री आवास योजना संबंधी, वज्रपात के मृत्युपरांत दी जाने वाली मुआवजा आदि से संबंधित थे।

वज्रपात से मृत्यु के संबंध में उपायुक्त ने कहा कि इसके मुआवजा दावा करने के लिए मृतक का पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं मृत्यु प्रमाण पत्र का होना आवश्यक है। इस संदर्भ में उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निदेशित किया कि ऐसे मृतक के लिए पोस्टमार्टम अवश्य करायें। विदित हो कि वज्रपात से मृत्यु होने पर मृतक के परिवार को 4 लाख रूपये का मुआवजा देने का प्रावधान है। उपायुक्त ने कहा कि झारखण्ड प्रदेश में वज्रपात से मृत्यु के ज्यादा मामले सामने आते हैं। ऐसे में अधिकारी मुआवजा उपलब्ध करने में त्वरित कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।

राशन कार्ड न मिलने की समस्या पर उपायुक्त ने अधिकारियों को निदेशित किया कि विशेष अभियान चलाकर अयोग्य राशन कार्डधारियों का राशन कार्ड रद्द करें और उनके स्थान पर योग्य लाभुकों का राशन कार्ड निर्गत करें। उन्हांेने ऐसे राशन कार्डधारियों को चेताया जो अर्हता नहीं रखने के बावजूद राशन कार्ड का लाभ ले रहे हैं। ऐसे लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई का निदेश उपायुक्त ने दिया। उपायुक्त ने ऐसे डीलरों को भी आगाह किया कि जो राशन कार्ड के लाभुकों को अनाज देने में अनियमितता बरतते हैं। उन्हांेने इसके लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी को कड़ी कार्रवाई करने का निदेश दिया।

उन्होंने कहा कि प्रज्ञा केन्द्रों में शिकायतकर्ता आधारकार्ड, बैंक एकाउंट विवरणी आदि साथ आयंे। इससे तत्काल समस्या सुलझाने में मदद मिलेगी।

मारगोमुण्डा प्रखण्ड अन्तर्गत ब्लाॅक रिसोर्स पर्सन (बीआरपी) की चयन परीक्षा में आयोजन समय को लेकर हुए विवाद पर उपायुक्त ने परीक्षा रद्द करते हुए इसके पुनः परीक्षा आयोजन हेतु डीपीएम जेएसएलपीएस को निदेशित किया गया। उन्होंने कहा कि चयन परीक्षा पूरी तरह से पारदर्शी होनी चाहिए और योग्य अभ्यर्थी हीं चुने जाएं, इसे सुनिश्चित करें।

मुरलीपहाड़ी पंचायत के ग्रामीणों द्वारा अत्यधिक बिजली बिल बिजली विभाग द्वारा भेजे जाने की शिकायत की गयी। इस पर कार्यपालक अभियंता को तत्काल मामले को संज्ञान में लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का निदेश दिया गया। 

टाॅक टू डीसी कार्यक्रम के दरम्यान आपूर्ति विभाग, सामाजिक सुरक्षा विभाग, जन शिकायत कोषांग के पदाधिकारी अपने कर्मियों के साथ पूरी डाटा के साथ उपस्थित थे। कई शिकायतों का उपायुक्त ने तत्काल डाटा चेक करते हुए समाधान किया।

संबंधित विभाग के कर्मचारी लैपटाॅप पर पूरी डाटा लेकर आए थे।


 इन पंचायतों के ग्रामीणों ने उपायुक्त से सीधे जुड़कर रखी अपनी समस्याएं....।* 


बलजोरी, बगदाहा, बांडू, बांधडीह, चुनामड़ुआ, सिमला, सुग्गापहाड़ी, मुरलीपहाड़ी, गौरीपुर, बल्थर, कटवा, बसहा एवं हुसैनाबाद पंचायत आदि। 


 *कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने सभी ग्रामीणों को कार्यक्रम से जुड़ने के लिए धन्यवाद करते हुए कहा कि कोरोना का संकट अभी टला *नहीं है। हमें पूरी सावधानी रखने की जरूरत है। सामाजिक दूरी बनाकर रहें व मास्क आवश्यक पहने। उन्होंने टाॅक टू डीसी कार्यक्रम से अधिक से अधिक ग्रामीणों को जुड़ने का आग्रह किया।

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