* तीन दिवसीय बावन बीघा स्थित संत योग विश्व प्रसिद्ध साधना कापिल मठ मैं आयोजित वार्षिक उत्सव मनाया गया



मधुपुर 21 दिसंबर:शहर के बावन बीघा स्थित वार्ड नंबर 15 में सांख्य योग का विश्व प्रसिद्ध साधना स्थल कपिल मठ में आयोजित तीन दिवसीय परमर्षि कापिलदेवजी का  वार्षिक पूजनोत्सव के दुसरे दिन सोमवार को सुबह और दोपहर को स्वामी भास्कर अरण्य ने प्रवचन किया। और भक्तों को दर्शन दिया.उन्होंने कहा कि सांख्य योग के समान दूसरा ज्ञान नहीं है.जगत का मूल कारण सांख्य योग से प्राप्त किया जा सकता है.संसार के सभी बंधन से मुक्ति के लिए सांख्य योग सहायक होता है। सांख्य योग हिंदू धर्म की आत्मा के समान है.उन्होंने कैवल्य पर चर्चा करते हुए कहा कि यह दुखों से मुक्ति है.श्रद्धालु नियमित अभ्यास से खुद को संयमित कर सकते हैं.सांख्य योग एक ऐसी विद्या है जो जीव को परमात्मा से जोड़ता है.इस दौरान 'ऊं आदि विदुषे कापिलाय नम: ऊं सत्वशुद्घो ध्रुवा स्मृति लंभे सर्व ग्रंथीनां विपमोक्ष:, नास्ति सांख्य समं ज्ञानं नास्ति योग समं बलम' उच्चारण से पूरा मठ गुंजायमान हो उठा.स्वामी जी ने कहा कि सांख्य योग के समान कोई ज्ञान नहीं है। जगत का मूल कारण सांख्य योग से उपलब्ध होता है.चित की शुद्घि होने पर ध्येय स्थित होता है.इसके बाद मानव संसार के बंधन से मुक्त हो जाता है.कहा  की परमर्षि कापिल ने सर्वप्रथम मोक्ष की प्राप्ति है। उन्होंने बताया कि दुख से मुक्ति ही मोक्ष होता है। उनके बाद पतंजलि बुद्धदेव, व्यास देव प्रमृति महापुरुष गण मोक्ष धर्म के उच्च शिखर का आरोहण किया। इस अवसर पर मठ को फूलों से सजाया गया है। महोत्सव में दिल्ली, बंगाल, मुंबई, बिहार, झारखंड के विभिन्न जगहों के लोग पहुंचे थे पर इस वर्ष कोविड-19 कोरोना महामारी  और सरकार के गाइडलाइन के पालन करते हुए  बहुत कम श्रद्धालु  इस उत्सव में पहुंचे इस बार  श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं रही और ना ही श्रद्धालुओं के बीच महा प्रसाद के रूप में खिचड़ी सब्जी बुंदिया का वितरण किया गया इस उत्सव का समापन मंगलवार को होगा!

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