कृषि कानून के विरोध में महागठबंधन द्वारा आहूत भारत बंद नाला में प्रभावी रहा



नाला ( जामताड़ा)---कृषि बिल के विरोध में महागठबंधन द्वारा आहूत 'भारत बंद' नाला क्षेत्र में काफी प्रभावी रहा। मालूम हो कि आज सुबह से ही वामपंथी दलों के द्वारा नाला क्षेत्र के आमबागान सहित विभिन्न चौक चौराहों पर कार्यकर्ताओं के द्वारा सभी लोगों से दुकान प्रतिष्ठान बंद करने की अपील करते हुए नारेबाजी करते देखी गई। मालूम हो कि इस बंदी व भारत बंद कार्यक्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, राजद, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित विभिन्न विपक्षी दलों के कार्यकर्ता एवं पार्टी पदाधिकारी मौजूद थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा संगठित होकर बैनर के साथ पूरे बाजार का भ्रमण किया गया | इस क्रम में सरकारी प्रतिष्ठान, ब्लॉक, बैंक आदि सभी निर्धारित समय काल तक प्रभावित रहा। मौके पर नेताओं ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार द्वारा पारित इस बिल को वापस नहीं लेता है तब तक महागठबंधन की ओर से संघर्ष जारी रहेगी। कहा कि कानून के तहत एमएसपी के प्रावधान के मुताबिक किसानों द्वारा उत्पादित 21 फसलों को लाभ मिलना चाहिए। कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित यह तीन कृषि बिल काला कानून है यह किसानों के हित में नहीं है। आंदोलनकारियों ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान जितने भी किसानों पर मामला दर्ज हुए हैं उन्हें वापस लिया जाए। इस अवसर पर आरएसएनपी रिबेल के सदानंद पतित भी सभी किसान संगठनों से मिलकर सरकार के विरोध में नारे लगाए और इस काला कानून को वापस लेने के लिए जोरदार आवाज बुलंद की। मालूम हो कि भारत बंद कार्यक्रम के दौरान सभी नेताओं कार्यकर्ताओं ने समवेत होकर केंद्र सरकार विरोधी नारे भी लगाए। इस अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष उज्जवल भट्टाचार्य, सेंट्रल कमेटी के सदस्य सलीम जहांगीर, बासुदेव हांसदा, जनार्दन भंडारी, जयधन हांसदा,भवसिंदु लायेक,मंगल सोरेन,भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव कन्हाई माल पहाड़िया, राजद के पूर्व प्रदेश सचिव अशोक माजी, गौर चन्द्र यादव, कांग्रेस पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष गणेश चंद्र मित्रा, कांग्रेस सेवा दल के पंकज झा, जिला महासचिव समर माजी, गुलसन अली, विजय माजी, आम आदमी पार्टी के गुनधर मंडल के अलावे विमल कांत घोष, तुषार कांत मंडल, बलराम राय , काली पद राय, बबलू डोकानिया, गौतम खां, डॉक्टर सपन गोराई , गुपिन सोरेन, शेख मुस्ताक, ऋतुराज तिवारी सहित वामपंथी दलों के अन्य कार्यकर्ता एवं नेतागण मौजूद थे।

No comments