मधुपुर राहुल अध्ययन केन्द्र मे साहित्यकार उपेन्द्रनाथ अश्क की जयन्ती व गीतकार शैलेन्द्र की पुण्यतिथि मनायी गयी



मधुपुर राहुलअध्ययन केन्द्र में साहित्यकार उपेंद्रनाथ अश्क की जयंती व गीतकार शैलेंद्र की पुण्यतिथि मनाई गई। दोनो विभुतियों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया । मौके पर जलेस के प्रांतीय सह सचिव , साहित्यकार धनंजय प्रसाद ने विचार पूर्वक चर्चा करते कहा कि सिने जगत का ख्याति प्राप्त गीतकार  थे शैलेन्द्र , जो अपने सुमधर गीतों को संगीत प्रेमियों के दिलो पर राज करता था । उनकी गीतों का जादू भारत ही नही बिदेशों में सिर चढ़कर बोलता था । शैलेन्द्र जी सिने जगत का ऐसा कोहिनूर थे , जिसकी चमक आज भी मौजूद थे । उनका बचपन काफी संघर्षपूर्ण रहा है । वतौर गीतकार आवारा फिल्म से अपना कैरियर शुरू किये और फिल्म इतिहास में मील पत्थर हुये । उसके बाद उनकी धूम मच गयी । उन्होने बहुत कम समय में 800 से अधिक गीत लिखकर फिल्म जगत में एक अलग पहचान बनाये । उन्होने कहा कि उपेन्द्रनाथ अश्क  उपान्यासकार , नाटककार , कहानीकार व एकांकीकार थे । वे हिन्दी साहित्य की समृद्धि के लिए हमेशा याद किये जायेगे । उन्हें अकादमी व सोवियत पुरस्कार से पुरस्कृत किये गये । इसके अलावे सुखदेव , निशार ,आलोक आदि ने विचार व्यक्त किये!

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