जनविरोधी हेमंत सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए राज्य की जनता सड़क पर उतरने को रहें तैयार : रणधीर



सारठ : प्रखंड मुख्यालय परिसर में बुधवार को भाजपा नेताओं व कार्यकर्त्ताओं द्वारा एक दिवसीय धरना दिया गया। वहीं राज्य सरकार के जन विरोधी नीति के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन करते हुए सरकार को जनता से किये वायदे को याद दिलाया गया। सारठ विधानसभा प्रभारी रीता चौरसिया के नेतृत्व हुए धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रणधीर सिंह ने हेमंत सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल में राज्य में एक भी जनहित के कार्य नहीं होने की बात कही। विधायक ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपनी चुनावी घोषणा पत्र में राज्य की जनता से वायदा किया था, कि राज्य में यूपीए की सरकार बनने से किसानों का बिजली बिल माफ होगा, राज्य की वृद्ध, विधवा व दिव्यांग को एक हजार के जगह दो हजार पेंशन दिया जायेगा, किसानों का कर्जा माफ होगा, हर वर्ष राज्य के पांच लाख नोजवानों को रोजगार दिया जायेगा और शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार नहीं देने पर उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा, राज्य के पारा शिक्षकों को छह महीने के अंदर स्थायी किया जायेगा, राज्य में बालू के उठाव पर सरकार की रोक नहीं होगी, राज्य की जनता को पारदर्शी शासन के साथ आम जनता को भी अपनी बात सीधे सरकार के मुखिया तक पहुंचाने का मौका मिलेगा। लेकिन आज प्रदेश में हेमंत सरकार के एक वर्ष पूरा होने को है और राज्य की भोली-भाली जनता सरकार की ओर उम्मीद भरी टकटकी निगाह लगाये थक गई और सरकार राज्य का खजाना खाली होने की बात कहकर अपनी जिम्मेवारी से मुख मोड़ रही है। विधायक श्री सिंह ने कहा कि आज हेमंत सरकार राज्य के भोले-भाले जनता के बकाये बिजली बिल को माफ करने के बजाय उस पर प्राथमिकी दर्ज करा रही है, वहीं बालू के उठाव पर रोक लगाने से राज्य में विकास कार्य ठप हो गया है, लोग बालू के चलते अपना निजी कार्य भी नहीं कर पा रहे हैं और सरकार जनता के बुनियादी अधिकार को छिन रही है। कहा कि राज्य के वृद्ध, विधवा और विकलांगो का पेंशन महीनों से बंद है, किसानों का कर्जा भी माफ नहीं हुआ और ना ही पारा शिक्षकों को स्थायी किया गया। विधायक ने कहा कि पूर्व की रघुवर सरकार ने गांव, गरीब, किसान के उत्थान के लिए दर्जनों कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारकर लाभुकों के खाते में राशि देती थी, लेकिन आज राज्य की अंधी, बहरी और गूंगी हेमंत सरकार जनता के भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने सारठ के गोपीबांध गांव में बने 50 हजार क्षमता के डेयरी प्लांट के उद्घाटन करने आ रहे मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री बादल पत्रलेख पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जिस योजना का उद्घाटन एक वर्ष पहले हो गया, उसका दोबारा उद्घाटन करने की तैयारी कर रहे हैं। जबकि प्लांट को पूर्ण रूप से चालू होने में महीनों लगने की बाद जेएमपी और एनडीडीबी के अधिकारी कह रहे हैं। वहीं राज्य के किसानों को मुख्यमंत्री कृषि सम्मान योजना से इस सरकार ने वंचित कर दिया, बीपीएल परिवार की महिलाओं को 90 फीसदी अनुदान पर मिल रही दो गाय की योजना को बंद कर दिया, किसानों को शत प्रतिशत अनुदान पर दी जा रही कृषि उपकरण भी इस सरकार ने रोक दिया। विधायक ने कहा कि वर्तमान सरकार जनविरोधी सरकार है, इसलिए इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए भाजपा चरणबद्ध आंदोलन की तैयारी में जुट गई है और राज्य की जनता भी सड़क पर उतरने के लिए तैयार है। विधायक ने धरना-प्रदर्शन के पश्चात जनहित से जुड़े 10 सूत्री मांग पत्र का ज्ञापन महामहिम राज्यपाल के नाम बीडीओ की अनुपस्थिति में बीपीओ डेविड गुड़िया व प्रधान सहायक को सोंपा। मोके पर पार्टी के मंडल अध्यक्ष देबू पोद्दार, परमानंद ठाकुर, अशोक हजारी, विधायक प्रतिनिधि रघुनंदन सिंह, युवा नेता रणबीर सिंह, कामेश्वर राय, बापी रुज, महिला मोर्चा के कंचन तिवारी समेत सैंकड़ो अन्य मौजूद थे। वहीं धरना-प्रदर्शन में मौजूद कार्यकर्त्ताओं का हौसला अफजाई करते हुए विधायक ने कहा कि हमारे कार्यकर्त्ता जनता की सेवा में रहे, मैं अपने कार्यकर्ता के लिए हमेशा हर मोड़ में खड़ा रहूंगा।

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