बच्चों ने उपायुक्त के साथ केक काटकर मनाया चाईल्डलाईन से दोस्ती सप्ताह



देवघर उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी  कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने चाईल्डलाईन द्वारा बाल दिवस के अवसर पर शुरू की गयी दोस्ती सप्ताह का शुभारंभ बच्चों के साथ केक काटकर समाहरणालय सभागार में किया। साथ हीं चाईल्डलाईन के बच्चों द्वारा उपायुक्त को दोस्ती स्वरूप फ्रेंडशिप बैंड बांधी गयी, जिस पर उपायुक्त द्वारा सभी बच्चों को धन्यवाद देते हुए उनके बेहतर भविष्य की कामना की गयी। साथ हीं उनके द्वारा कहा गया कि वहां रहने वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु उनके द्वारा आगे भविष्य में भी हर संभव सहयोग किया जायेगा एवं जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि यहां रहने के वाले हर एक बच्चे को सभी मूलभूत सुविधाएं व सुनहरा भविष्य मिले एवं वे बड़े होकर एक अच्छे नागरिक बन कर समाज व देश का नाम रौशन करें।

इसके अलावे उपायुक्त श्री कमलेश्वर प्रसाद सिंह द्वारा जानकारी दी गयी कि हर वर्ष यह कार्यक्रम 10-12 दिन तक चलाया जाता है। जिसमें बच्चों को उनके अधिकारों को बताने तथा नशे की लत आदि बच्चों को चाइल्ड लाइन से जोड़ना व समाज की मुख्य धारा में जोड़ना तथा जनजागरूकता के लिए चलाया जाता है। यह कार्यक्रम 14 नवम्बर से 25 नवम्बर तक आयोजन किया जायेगा। प्रत्येक दिन अलग-अलग कार्यक्रम कर बच्चों को उत्साहित किया जायेगा। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत चाईल्डलाईन इंडिया फाउंडेशन चलाया जा रहा है, जिसका हेल्पलाईन नम्बर 1098 है। बच्चों से संबंधित किसी प्रकार की सहायता हेतु इस नम्बर पर काॅल सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावे उन्होंने कहा कि बच्चे हमारे राष्ट्र की शक्ति व संपत्ति हैं। इनकी समुचित देखभाल, विकास व सुरक्षा हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण से जुड़े अधिकारी एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्य आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें, ताकि जिला स्तर पर बाल विवाह, गुमशुदा बच्चे, शोषित बच्चे, घर से भागे हुए बच्चे की देखभाल और सुरक्षा बेहतर तरीके से की जा सके। इसके अलावा उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़े शब्दों में निदेशित किया कि बाल विवाह, बाल मजदूरी और गुमशुदा बच्चों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी न करते हुए त्वरित कार्रवाई की जाय। साथ हीं उपायुक्त ने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि बाल विवाह, बाल श्रम, बच्चों की तस्करी आदि से संबंधित सूचना जिला प्रशासन को दें, ताकि ऐसे मामलों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। साथ हीं सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान भी गुप्त रखी जायेगी। इस दौरान उपरोक्त के अलावे संबंधित विभाग के अधिकारी और चाईल्डलाईन संस्थान के शिक्षक एवं कर्मी आदि उपस्थित थे।

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