हेमंत सरकार के बचाव में उतरी कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय, कहा- केंद्र सरकार के फरमान पर जारी हुआ छठ महापर्व का गाइडलाइन


छठ महापर्व को लेकर राज्य सरकार की ओर से जारी गाइड लाइन पर कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने हेमंत सरकार का समर्थन किया है और बीजोपी और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यह फरमान केंद्र सरकार की ओर से ही जारी किया गया है.

गोड्डा: छठ पूजा को लेकर राज्य सरकार की ओर से जारी गाइड लाइन को लेकर एक तरफ विपक्ष हमलावर है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है. कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने कहा है कि यह फरमान केंद्र सरकार की ओर से ही जारी किया गया है. उन्हीं के कहने पर ताली बजी, उनके कहने पर दीये जले और ये आदेश भी उन्हीं का है. राज्य सरकार को मजबूरी में उसे मानना होता है.कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय का बयानकोरोना को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से छठ पर्व को लेकर तालाब और नदी में अर्घ्य के लिए नहीं जाने की बात कही गई है, जिसका विपक्ष ने पूरजोर विरोध किया है. वहीं, सत्ताधारी दल की ओर से इस आदेश में संशोधन का आग्रह जन भावना को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की गई है. इस बाबत महगामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कोई नया आदेश राज्य सरकार की ओर से जारी नहीं किया गया है. जो आदेश ईद, दशहरा और दीपावली के दौरान केंद्र सरकार की ओर से जारी हुआ था, वही आदेश छठ पर्व में भी जारी किया गया है. ये भी पढ़ें-झारखंड हाईकोर्ट ने कोरोना काल में निपटाए 14,500 केस, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की सुनवाईकेंद्र सरकार पर लापरवाही का आरोपकांग्रेस विधायक ने कहा कि ये फरमान केंद्र सरकार का है और कई बार राज्य सरकार को मानना पड़ता है. विधायक ने कहा कि सभी जानते हैं कि मोदी जी के कहने पर ही हमने ताली बजाए, दीये जलाए और दावा किया गया कि 21 दिन में सब कुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन केंद्र के गलत निर्णय का खामियाजा अब आम लोगों को झेलना पड़ रहा है. अगर शुरुआत में ही बाहर से आने वालों पर केंद्र सरकार रोक लगती तो आज इस तरह की नौबत नहीं आती. उन्होंने कहा कि अब जब हमारे सामने विपत्ति है तो इस आस्था के पर्व को सावधानी रखते हुए क्यों न मनाएं, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े.

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