अपने घरों में अपनो के साथ करें छठ महापर्व की पूजाः-उपायुक्त



देवघर उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी  कमलेश्वर प्रसाद सिंह द्वारा जानकारी दी गयी  कि राज्य सरकार द्वारा छठ पर्व को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है। ऐसे में आप सभी जिलावासियों से अपील है कि पूर्व की तरह आगामी छठ महापर्व को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। कोरोना काल में हम सभी के लिए महत्वपूर्ण है कि मास्क या फेस कवर का उपयोग, सामाजिक दूरी का अनुपालन करते हुए साफ-सफाई के साथ हांथों को समय-समय पर सैनेटाईज्ड या हैण्डवाॅश करते रहें।

वर्तमान में कोविड-19 को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के तहत दो गज की दूरी अत्यंत आवश्यक है। इसके अलावे छठ में अर्घ्य देने के लिए सूर्योदय और सूर्यास्त पर दो बार समय निर्धारित होता है। इस समय नदी-तालाबों में बड़ी संख्या में लोग जमा होते हैं। एक साथ अर्घ्य देते हैं। ऐसे में सार्वजनिक जलाशयों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना संभव नहीं हो पाएगा। इसी को ध्यान में रखकर तालाब, झील, जलाशय और डैम जैसे सार्वजनिक जलाशयों पर छठ पूजा पर रोक लगाई गई है। पानी में एक साथ खड़े होकर अर्घ्य देने की धार्मिक मान्यता है। ऐसे में एक ही पानी में ज्यादा लोगों के खड़े होने से इंफेक्शन फैलने का खतरा हो सकता है। एक साथ ज्यादा लोगों के पानी में खड़े होने से पानी भी प्रदूषित होने की संभावना है। इसी कारण स्विमिंग पूल खोलने की भी इजाजत नहीं होगी। अर्घ्य देते समय राष्ट्रीय स्तर पर जारी मास्क और फेस कवर पहनने के लिए जारी गाइडलाइन का भी पालन संभव नहीं हो पाएगा। राज्य में कोविड-19 के मामले काफी घटे हैं। छठ पर अगर राहत दी गई तो फिर कोरोना फैलने का खतरा बढ़ सकता है।

 राज्य सरकार द्वारा जारी निम्न दिशा-निर्देशों का अनुपालन करना सभी के लिए अनिवार्य रूप से रहेगा लागू 


1. चूँकि नदी, तालाब, झील के पानी में छठ पूजा करते समय दो गज की दूरी का सामाजिक अनुपालन के मानदंडों के राष्ट्रीय निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना संभव नहीं है, इसलिए सार्वजनिक तालाबों, नदी, झील, डैम, जलाशय एवं किसी भी अन्य जल निकाय के पानी में छठ पूजा की अनुमति नहीं दी जाएगी, ताकि कोविड -19 संक्रमण के प्रसार की संभावना को कम किया जा सके।


2. किसी भी सार्वजनिक तालाबों, नदी, झील, डैम, जलाशय एवं किसी भी अन्य जल निकाय के किनारे या उसके पास किसी भी प्रकार का कोई स्टाल नहीं लगाया जाएगा।


3. छठ पूजा के उद्देश्य से व्यक्तियों द्वारा छठ घाटों पर निर्धारण/बैरिकेडिंग/ विशेष प्रकाश व्यवस्था निषिद्ध है।


4. सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे फोड़ने की अनुमति नहीं है।


5. कोई संगीत या कोई अन्य मनोरंजन/सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा।

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