कोरोना वायरस महामारी के कारण सादगी तरीके से दुर्गा पूजा बनाई जाएगी



राजमहल संवाददाता:- वर्तमान संकट में कोरोना महामारी और लॉकडाउन को लेकर सरकारी गाइडलाइन अनुपालन  दुर्गा पूजा को लेकर के इस बार राजमहल प्रखंड में कुछ अलग है अंदाज में मनाई जाएगी ।राजमहल प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मंगलहाट में दुर्गा पूजा पिछले 56 वर्षों से हर्ष उल्लास और धूमधाम से मनाया जा रहा है. सन 1956 में इंद्र भूषण साहा, चंद्र मंडल, जानकी मंडल, रायचंद मंडल, प्यारी मंडल, लोबिन मंडल, राजन मंडल, अर्जून मंडल आदि ने एक छोटी सी कमेटी बना कर चैती दुर्गा पूजा का शुभारंभ किया था.  दस वर्षों के बाद  सन 1975 में मंदिर का निर्माण व एक नई कमेटी का गठन‌ कर यह पूजा शारदीय दुर्गा पूजा के रूप में धुमधाम से मनाया जाने लगा. जिसमें प्रथम पूजा से लेकर दशहरा एवं एकादशी तक किसी ना किसी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. जिसमें सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र प्रथम पूजा के दिन पांच हजार एक सौ एक कन्यों के द्वारा भव्य कलश‌ यात्रा तथा विजयादशमी के दिन रावण वध व एकादशी के दिन बाहिंच मेला आकर्षण का केंद्र रहता है. विजयादशमी के दिन रावन वध तथा  बाहिंच मेला में नौका रेस प्रतियोगिता, पारंपरिक आदिवासी नृत्य व मेला को देखने  आस पास के क्षेत्र सहित साहिबगंज, राजमहल, तीन पहाड़, तालझारी से लाखों लोग पहुंचते हैं. लेकिन इस बार कोरोना वायरस महामारी के कारण सादगी तरीके से दुर्गा पूजा बनाई जाएगी. समिति के कोषाध्यक्ष शंकर साधन बोस ने बताया इस बार की कलश यात्रा में केवल ग्यार लोग ही सम्मिलित होंगे तथा प्रशासन को लिखित आवेदन देकर मेला लगाने का इजाजत मांगी गई है. परमिशन मिलते ही सरकार द्वारा जारी नए गाइडलाइंस का पालन करते हुए ही सारा कार्य किया जाएगा

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