प्रखंड में दुर्गा पूजा को लेकर हो रही है जोर शोर से तैयारी



कुंडहित प्रखंड  के कुंडहित गांव में तीनों मंदिरों में पूजा के तैयारी बड़ी जोर-शोर से की जा रही है।मुख्यत कुंडहित गांव का ये वर्ष का सबसे बड़ा होने वाला पूजा है।जहाँ ग्रामीण इस पूजा का वर्षों से बेसबरी से इन्तेजार करते है।खासकर दुर्गा पूजा बंगालियों में एक अलग ही पहचान बनाती है।जहाँ कपडों से लेकर हर तरह का मिठाई पकवान बनाना ये बंगालियों का अलग ही मनोरंजन का विषय है।इस दुर्गोत्सव में दिन मजदूर हो या अमीर लोग सब कोई घर की पोताई  व घर की सजावट पर बहुत ही ध्यान केंद्रित करते है।वही इस पूजा के अहम हिस्सा जो कि माँ दशभुजा की आगमन को दर्शता है ।साथ ही ढाकी का ढाक बजाना भी  मन को बहुत ही उन्मत्त कर देता है।ढाक की आवाज कानों में गूंजते ही मन बचपन की ओर भागा चला जाता है,जैसे माँ को बनाने की मिट्टी की खुसबू बहुत ही मन को बैचेन कर देता है,की कब वो दिन आएगा जब हम सब माँ का तन-मन और श्रद्धा भाव से माँ की पूजा-अर्चना कर सकें।बताते चले कि इस महामारी कोविड-19 के कारण कोरोना से बचाव के लिए  सरकार से जो  निर्देश अनुसार दिया गया है,सभी मिलकर नियमों का पालन करें।सभी उचित दूरी बनाएं रखें, ओर सबसे जरूरी मास्क हमेशा पहने रहे । हर साल झारखंड व बंगाल मिलाकर 100 से अधिक माँ दुर्गा की प्रतिमा बनाते है,पर इस साल सिर्फ 22 मूर्तियां ही बना है।ग्रामीणों में व दुकानदारों में एक खुशी का आश है कि कोरोना को देखते हुए सारि एहतियात बरतते हुए सभी पूजा को अच्छे से आनंद व मनोरंजन करेंगे। कुंडहित के  लोहार पड़ा दुर्गा मंदिर  , सोराक पड़ा दुर्गा मंदिर  हटिया बाजार  के दुर्गा मंदिर में पंडाल नहीं हो पाया। इस महामारी के कारण इस साल  मेला  नहीं  लग पाया है।

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