कृषि बिल किसानों के लिए घातक :-रणविजय



देवघर जिला कांग्रेस कार्यालय में झारखंड प्रदेश के पूर्व महासचिव रणविजय सिंह एवं देवघर जिला अध्यक्ष मुन्नम संजय ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पूरे भारत के किसान आज सड़कों पर हैं। उनके बिना सहमति से या बगैर रायशुमारी के किसान के अहित में मोदी सरकार ने जो तीन काला कानून किसानों के लिए बनाया है, वह कानून किसान के लिए घातक सिद्ध होगा। आज किसान सड़क पर हैं और बिल्डर व पूंजीपति खेत में हैं। देश में अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई है। जो देश किसान प्रधान माना जाता है,जहां कांग्रेस के द्वारा हरित क्रांति लाई जाती है। वहां चंद पूंजीपतियों के फायदे के लिए देश के किसानों की गले में  रस्सी का फंदा डालकर पूंजीपतियों के हाथों में सौंपने का काम किया है। किसान के फसल का एमएसपी समाप्त कर उनकी स्वतंत्रता छीन ली गई। साथ ही कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के आधार पर आज उन्हें अपने ही खेत में पराए के तरह पराए के मर्जी पर काम करना होगा और पराए की मर्जी पर फसल बेचना होगा। कांग्रेस पार्टी देश के किसान के समर्थन में सड़क से सदन तक आंदोलन कर रही है। वहीं देश के प्रधानमंत्री इन्हें मीठी-मीठी बातों से झूठे आश्वासन देकर गुमराह करने का काम कर रही है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लगातार श्रृंखलाबद्ध आंदोलन के साथ काला कानून वापसी की मांग कर रही है। 2 अक्टूबर से 31अक्टूबर तक हस्ताक्षर अभियान गांव,टोला एवं कस्बे स्तर पर चलाया जा रहा है, जो पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती के अवसर पर 14 नवंबर को महामहिम राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन सौंपा जायेगा। यूपीए की सरकार हमेशा किसान हित में काम की है और करेगी। झारखंड राज्य में हमारी सरकार के द्वारा किसानों के विरोध में यह काला कानून पारित नहीं होने दिया जाए ऐसा हम सभी का मांग है। झारखंड सरकार मैंनो फिस्टो के अनुसार किसानों के हित में बहुत जल्द ही कृषि ऋण माफ करने की घोषणा करने जा रही है।आगे नेता द्वय ने कहा कि झारखंड में जो 2 सीटों का उपचुनाव होने जा रही है।वह दोनों सीट यूपीए का था और यूपीए भारी मतों से जीतेगी। वहीं बिहार में भी यूपीए की सरकार बनेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस के सेवादल प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार, मिडिया प्रभारी दिनेश मंडल,पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव अवधेश प्रजापति, युवा अध्यक्ष आदित्य सरोलिया, उपाध्यक्ष अमित कुमार पांडेय,धर्मेंद्र सिंह,महादेव पंडित, अधीर आदि मौजूद थे।

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