कटाव के जद में आ गया जितनागर गाँव, अबतक सरकार व उनके मुजालिम चुप्पी साधे हुए हैं



उधवा संवाददाता:-- लगातार हो रही बेरोकटोक नदी कटाव के परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। जिससे ग्रामीणों में पूरी तरह दहशत का माहौल बना हुआ है। प्रखंड के पूर्वी प्राणपुर क्षेत्र के कई गांव नदी के कटाव के जद में आ चुका है। इनमें खासकर जितनागर गाँव की अस्तित्व मिटने लगी हैं। कटाव की दुःखांत रचना से भयभीत लोग अब धीरे-धीरे गांव छोड़कर सुरक्षित स्थान पर शरण ले रहे हैं। मालूम हो इससे पूर्व भी उत्तर पालशगाछी के नदी कटाव से कई परिवार विस्थापित हो चुके हैं। अधिकांश लोगों का कृषि योग्य भूमि जो एकमात्र उनके जीवनयापन के साधन थे वो भी नदी के आगोश में समा गया है। लोग बेघर हो रहे हैं। यहां करीब दो हजार की आबादी रह रहे हैं। गांव में सरकारी स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र हैं जो नदी में समा जाने की कगार पर खड़ी हैं। लेकिन इससे सरकार व उनके मज़ालिम चुप्पी साधे हुए हैं।पीड़ित ग्रामीण पाखी घोष, तोरण घोष, ऐनुल शेख, सुबोल घोष तेतरू घोष, उदय घोष, पताणि मंडल, मेहबूब आलम, तस्लीमा नसरीन, आलम, मिठू घोष, टीपू घोष , रोबी घोष, लखन घोष, सहित दर्जनों का कहना है कि हम ऐसी संकट में है जिससे हमारे रोजगार व जीवनयापन की साधन ही नदी कटाव ने खत्म कर दी हैं! हमारे एकमात्र रोजी-रोटी देने वाली भूमि जो नदी अपने गर्भ में ले चुके हैं। पर अबतक हमारी ओर कोई आँख उठाके नहीं देखा! गांव में तेज कटाव से भयभीत ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत कटावरोधी कार्य कराने की मांग की है।

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