केले की थम पे होती माँ की पूजा



गोड्डा:- गोड्डा मुफसिल थाना के अडानी पावर प्लान के निकट मोतिया में स्थित दुर्गा मंदिर जो एक शक्ति पीठ के रूप में है ,200 वर्ष पूर्व से तांत्रिक विधि से पूजा होती आ रही है ।  आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष में माता की तांत्रिक विधि से पूजा अर्चना होती है। हर साल यहा महालया पूजा के दिन शाम के समय मे मोतिया के श्रद्धालु गंगा नदी से स्नान कर  भक्ति भाव से पवित्र पवित्र हो कर गंगाजल  ला कर नवरात्र में विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है । वही षष्ठी को बेल वृक्ष में बेलभरणी की पूजा की जाती है ।पंडित अर्जुन झा ने बताया कि-
सप्तमी को माँ की विशेष पूजा सुरु हो जाती है , केले थम से मूर्ति का निर्माण  होती हैं। नवपत्रिका नव वस्त्र से सुशोभित की जाती है। माँ की प्राण प्रतिष्ठा की जाती है ।अखण्ड दिप प्रज्वलित की जाती है जो दशमी तक जलती रहती है , अष्टमी को अष्ट मंगल का गुणगान व 251 ब्राह्मण व कुमारी को भोजन कराई जाती है ।नॉवमी को दुर्गा पाठ के तांत्रिक पूजन उपरांत बकरों की बली दी जाती है , माँ को एक ही रंग की बाली दी जाती है , चाहे सफेद हो या फिर काली बकरे अगर रंग में परिवर्तन होती है तो उनका बली नही दिया देते, ओर बली के बाद बकरो की मुड़िया पे दीपक प्रज्वलित की जाती है ।दशमी माँ को खीर का भोग लगाई जाती है । और इसके बाद पूरे वर्ष आसपास के किसी घर मे खीर  नही बनती है ।मोतिया में माँ दुर्गा
छिन्मस्तिका के नाम से जानी जाती है ,अध्यक्ष बासुदेव चौधरी ने बताया कि  इस मंदिर प्रंगन के निर्माण में अडानी के द्वारा टाइल्स भी दिया है। पूजा के समय जनरेटर भी दिया जाता है ।वही कमिटी मेम्बर का भी गठन किया गया है ,जिसमे प्रभास झा, विनय चौधरी, श्यामा कांत चौधरी, राजीव चौधरी, सरोज चौधरी सभी मिल के माँ की पूजा पाठ में अपना सहयोग प्रदान करते है।

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