देवघर निगम में स्वयंसेवक की बहाली 3साल मे भी नही हो सका है



देवघर: पिछली सरकार रघुवर सरकार झारखंड सरकार की ओर से 30 नवंबर 2017को वार्ड विकास केंद्र गठन के लिए स्वयं सेवकों की बहाली से संबंधित विज्ञापन निकाला था. देवघर नगर निगम में स्वयसेवक बहाली के लिए आवेदक लिया गया था लेकिन  अभी तक बहाली नही हो सकी है जब स्वंय सेवक की बहाली आई थी स्थानीय युवा को आस जगा थे कि उन्हे काम मिलेगा लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी बहाली नही हो सकी है 

वार्ड स्वयं सेवक की बहाली के लिए नगर निगम में 12दिन मे  लगभग 400स्थानीय युवा युवती ने आवेदन दिया था अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया. वार्ड स्वयं सेवक की नौकरी के लिए इंजीनियर, एमबीए, एम कॉम, एमएससी, बीसीए, बीबीए पास अभ्यर्थी आये हुए थे.प्रत्येक दिन सुबह दस से लेकर शाम चार बजे तक साक्षात्कार चला.था सेलेक्शन कमेटी में उस समय के नगर आयुक्त सहायक नगर आयुक्त  सिटी मैनेजर ने कहा था कि 

 परफॉरमेंस के आधार पर वार्ड सेवकों को वेतन मिलेगा. रिटेलर के रूप में वार्ड सेवकों को 7हजार रुपया मानदेय मिलेगा. इसके अलावा टैक्स कलेक्शन के आधार पर कमीशन मिलेगा. प्रत्येक वार्ड में वार्ड सेवकों का ऑफिस होगा. टैक्स कलेक्शन की रिपोर्ट प्रत्येक दिन निगम को देनी होगी.

डोर टू डोर टैक्स कलेक्शन का काम : वार्ड सेवक अपने वार्ड में प्रत्येक दिन होल्डिंग व वाटर टैक्स का डोर टू डोर कलेक्शन करेगा. इसके अलावा निगम की विकास योजना में भी वार्ड सेवक की भूमिका होगी. प्रत्येक वार्ड में तीन या चार वार्ड स्वयं सेवक की बहाली होगी.

निगम क्षेत्र में बहुत ऐसे घर हैं जहां आज तक होल्डिंग नंबर जेनेरेट नहीं हो पाया है. ऐसे लाभुकों की सूची तैयार की जायेगी. इसके अलावा जिन लोगों ने गलत एसेसमेंट कराया है, उनका भी सर्वे कराया जायेगा. मेन पावर की कमी के कारण सही तरीके से टैक्स का कलेक्शन नहीं हो पा रहा है. वार्ड सेवक की बहाली होने से निगम का टैक्स बढ़ेगा. साक्षात्कार के बाद मेधा सूची तैयार की जायेगी. स्टैंडिंग कमेटी व बोर्ड के निर्णय के आलोक में वार्ड स्तर पर वार्ड सेवक रखे जायेंगे.


आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 12 दिसंबर 2017 थी है. लेकिन बहाली अभी नही होने से युवा नाराज है 

युवाओ का कहना है कि अगर स्वयं सेवक बहाल हो जाता तो हमलोगो रोजगार के लिए भटकना नही पड़ेगा और निगम को अच्छी आमदनी आने लगेगी 

लेकिन सवाल यही कि बहाली मे लिया गया आवेदन कहा है

जब आवेदन लिया गया तो बहाली मे इतना विलंब क्यो

स्थानीय युवाओ के साथ छल क्यो

निगम के जनप्रतिनिधि इस मामले पर चुप क्यो

अखबार में विज्ञापन के माध्यम से बहाली निकाली गई थी उसके बाद इतनी धीमी बहाली क्यो

कही आवेदन कूड़े के ढेर मे तो नही 

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