*लोकनायक निर्भीकता और स्वाभिमान के प्रतीक! लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 119वीं जयंती पर बोले जेपी सेनानी घनश्याम भगत



मधुपुर 11अक्टूबर रविवार को थाना मोड़ जेपी चौक पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 119 वीं जयंती जेपी सेनानी और स्थानीय युवाओं के द्वारा मनायी गयी। जेपी सेनानियों ने लोकनायक जयप्रकाश की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। मौके पर जेपी सेनानी घनश्याम ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जन्म आज  ही के दिन बिहार के सिताबदियारा गांव में हुआ था। 17 वर्षों के बाद वे पढ़ाई करने अमेरिका चले गए। 7 वर्षों के बाद जब वे भारत लौटे तो तो देशज समाजवाद के प्रति सक्रिय हो गए । वर्ष 1942 में क्रांतिकारी के रूप में सामने आए। वर्ष 1974 में   छात्र आन्दोलन की अगुवाई कर आपातकाल का जमकर विरोध किया और छात्र, किसान, मजदूर विरोधी सत्ता को उखाड़ फेका। लोकनायक जयप्रकाश नारायण  देशभक्ति, निर्भिकता और स्वाभिमान के प्रतीक है। उन्हें न सत्ता का मोह था न किसी पद की लालसा, उन्होंने सदैव एक जनसेवक के रूप में निस्वार्थ भाव से देशहित में काम किया।  आपातकाल के विरुद्ध देश को एकजूट कर अराजकता और अन्याय से डट कर लड़ने वाले ऐसे महान नेता को नमन। मौके पर समाजकर्मी अरविंद कुमार, अस्तानंद झा, पंकज पंडा, कुंदन कुमार भगत,  पंकज पीयूष,  श्रीकिसुन, सचिन रवानी, अवनी भूषण,विजय भगत, अबरार ताबिन्दा,  सुभाष यादव, धर्मेंद्र समेत कई लोग मौजूद थे!

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