मधुपुर राहुल अध्ययन केंद्र में डॉ रामविलास शर्मा की 108वीं जयंती मनाई गई



मधुपुर राहुल अध्ययन केन्द्र मे डाँ0 रामविलास शर्मा की 108 वीं जयन्ती के अवसर पर उन्हें याद किया गया । उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया । मौके पर केन्द्र के संरक्षक व कलमकार धनंजय प्रसाद ने डाँ0 शर्मा के जीवन पर प्रकाश डालते हुये कहा कि डाँ0 रामविलास शर्मा हिन्दी साहित्य के एक मूर्धन्य साहित्यकार थे । उनका कार्य और चिंतन क्षेत्र व्यापक है । वे साहित्यकार , इतिहासकार , आलोचक , अर्थशास्त्री , समाजशास्त्री , कवि , लेखक व साम्यवादी विचारक थे । उन्होनें दर्शन , विज्ञान , समाज , इतिहास , संस्कृति व विचार पर लगभग सौ पुस्तकें लिखें । डाँ शर्मा के समस्त लेखन साम्राज्यवाद के विरोध में है । ऐसा शायद ही किसी इतिहासकार व समाज वैज्ञानिकों ने किया हो । उनकी धारदार लेखनी और सार्गभित विचार सर्वाधिक महत्वपूर्ण है । उनके विचार से हम साम्राज्यवाद विरोधी व सामंतवाद विरोधी चेतना जागृत कर सुन्दर , खुशहाल व नैतिक नवभारत का निर्माण कर सकते है । इसके आलावे अन्य लोगों ने भी आंनलाइन विचार व्यक्त किये!

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