अनलाॅक-05 को लेकर उपायुक्त ने जारी किया दिशा-निर्देश

 


देवघर उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी  कमलेश्वर प्रसाद सिंह द्वारा जानकारी दी गयी है कि झारखण्ड सरकार द्वारा अनलाॅक-05 से संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। इसके तहत राज्य में कन्टेनमेंट जाॅन के बाहर सभी धार्मिक स्थल खोले जायेंगे। इसके लिए 08 अक्टुबर से पहले सरकार द्वारा दिशा-निर्देश जारी कर दिया जायेगा। इसके अलावे दुर्गा पंड़ालों ने चार फीट से ऊंची मूर्ति स्थापित करने की इजाजत नहीं होगी। फिलहाल स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान एवं सिनेमा हॉल को खोलने को लेकर किसी तरह की राहत सरकार द्वारा नहीं दी गई है। साथ हीं गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी किए आदेश के अनुसार दुर्गा पूजा को लेकर अलग से गाइडलाइन जारी किया गया है। इसके अलावा विभाग द्वारा गत 28 अगस्त को जारी किए गए आदेश में जिन चीजों को प्रतिबंधित किया गया था, वह अब भी प्रतिबंधित रहेंगे। कंटेनमेंट जोन में परीक्षार्थियों के लिए ही राहत दी गई है। छात्र बाहर निकल कर परीक्षा से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।

दुर्गा पूजा को लेकर जारी किया गया आदेश

दुर्गा पूजा का आयोजन मंदिर, घरों के अलावा छोटे स्तर पर तैयार किये गये पंडालों में किया जा सकता है, जहां किसी तरह का कोई भीड़ नहीं होगी, सिर्फ पूजा होगी।

पंडालों को ऐसा बनाया जाना है, जिसमें बाहर से कोई मूर्ति नहीं दिख सके और ना ही भीड़ लग सके।

किसी तरह की लाइटिंग पूजा पंडाल या आसपास के इलाके में करने पर पाबंदी रहेगी।

किसी तरह का थीम पर कोई पंडाल या मंडप नहीं बनेगा।

किसी तरह का तोरण द्वार या स्वागत गेट किसी भी आयोजन के दौरान नहीं बनाया जायेगा।

सिर्फ पंडाल में जहां मूर्ति रहेगी, वहीं ढंका हुआ रहेगा नहीं तो सारा एरिया खुला हुआ रखने को कहा गया है।

मूर्ति की साइज सिर्फ 4 फीट की ही होनी चाहिए।

किसी तरह का कोई पब्लिक एड्रेस सिस्टम, लाउडस्पीकर सिस्टम नहीं रहेगा।

● किसी तरह का मेला नहीं लगेगा।

किसी तरह का फूड स्टॉल नहीं लगेगा।

● दुर्गा पूजा के पंडाल में एक समय में पुजारी और आयोजक को मिलाकर सिर्फ 7 लोग ही रह सकते है।

किसी तरह का विसर्जन का जुलूस नहीं निकलेगा, सिर्फ प्रशासन जहां तय करेगा, वहां सादगी से जाकर विसर्जन कर दिया जाना है।

किसी तरह का सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा।

● किसी तरह का कोई प्रसाद, भोग वितरण या भोज कराने की इजाजत नहीं होगी।

किसी तरह का कोई आमंत्रण भी नहीं बांटना है।

● किसी तरह का पंडाल या मूर्ति का उदघाटन कार्यक्रम नहीं होगा।

किसी तरह का गरबा या डांडिया का कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा।

रावण का पुतला दहन को लेकर किसी तरह का कोई बड़ा आयोजन करने पर रोक रहेगी।

सारे आयोजन के दौरान जो आयोजक और पुजारी है, वे मास्क पहने होने चाहिए।

● आपस में 6 फीट का पब्लिक डिस्टेंस अनिवार्य रूप से लागू रहेगा।

जो लोग पूजा पंडाल या मंडप में होंगे, वे लोग सफाई का ख्याल रखेंगे और कोविड-19 के सारे प्रोटोकॉल का पालन करेंगे।

● पूजा के आयोजित स्थानीय प्रशासन के आदेशों का पालन करने के लिए बाध्य होंगे।

अगर किसी ने इस तरह के नियम का उल्लंघन किया तो उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी।

 लॉकडाउन के दौरान यह नियम रहेंगे प्रभावी-*

जितने भी धार्मिक स्थल होंगे, उसमें सुप्रीम कोर्ट के एसओपी का पालन होगा, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होगा।

धूम्रपान, तंबाकू के सेवन पर पाबंदी रहेगी।

नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की पाबंदी रहेगी।

राज्य के भीतर ही आने जाने को लेकर जो नियम लागू किया गया था, वह प्रभावी रहेगा।

अंतिम संस्कार में 20 से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं हो सकते है।

शादी विवाह या अन्य समारोह में 50 से अधिक लोग नहीं जुटेंगे।

● सार्वजनिक स्थलों पर सामाजिक दूरी का अनुपालन करना सभी के लिए अनिवार्य होगा।

● मास्क पहनना अनिवार्य होगा।

● शॉपिंग मॉल सामान्य तरीके से जिन नियमों से चल रहा है, वह चलता रहेगा।

होटल, धर्मशाला, गेस्ट हाऊस, पब्लिक ट्रांस्पोर्ट पूर्व के नियमों से ही चलेंगे।

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