झारखण्ड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के ससमय कार्यान्वयन को लेकर उपायुक्त ने दिये आवश्यक दिशा-निर्देश



उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी  कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने राज्य सरकार की महत्वकांक्षी ’’झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के ससमय कार्यान्वयन को लेकर नगर आयुक्त, देवघर शैलेन्द्र कुमार लाल, कार्यपालक पदाधिकारी, मधुपुर नगर परिषद, सभी प्रखण्डों के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश दिया है। ज्ञात हो कि योजना के तहत् देवघर जिला अन्तर्गत कुल 67,846 सुपात्र लाभुकों का चयन, झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के निर्धारित समावेशन/अपवर्जन मानक के संलग्न विभागीय संकल्प के आलोक में किया जाना है।

इसके अलावा उपायुक्त द्वारा जानकारी दी है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 से अनाच्छादित सुपात्र 15 (पन्द्रह) लाख लाभुकों को राज्य सरकार के द्वारा निर्धारित मापदण्ड के अनुसार प्रासंगिक संकल्प के माध्यम से ’’झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना’’ के तहत् एक रूपये प्रति किलोग्राम की दर से 05 किलोग्राम खाद्यान्न (चावल) प्रति लाभुक प्रति माह की दर से उपलब्ध कराने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। 

इसके अलावा योजना का लाभ लेने हेतु आवेदन  प्राप्ति की अंतिम तिथि 30.09.2020 निर्धारित की गयी है। प्राप्त आवेदनों की सुपात्रा की जांच की अवधि 01.10.2020 से 10.10.2020 तक रखी गयी है। प्राथमिकता सूची का प्रारूप प्रकाशन अवधि 11.10.2020 से 15.10.2020 समाप्ति की तिथि है।  इसके अलावा आपति आमंत्रण की अवधि दिनांक-15.10.2020 से 21.10.2020 के अलावा आपति निष्पादन अवधि 21.10.2020 से 31.10.2020 निर्धारित की गयी है। साथ हीं प्राथमिकता सूची का अंतिम प्रकाशन अवधि 01.11.2020 से 10.11.2020 तक कार्यान्वयन हेतु कार्य योजना तय की गयी है।

झारखण्ड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत सुपात्र लाभुकों का चयन हेतु वर्ष 2011 के जनगणना के आधार पर प्रखंडवार लक्ष्य निम्न प्रकार से निर्धारित किया जाता है, जिसमें से देवघर प्रखण्ड अन्तर्गत 6501, देवीपुर प्रखण्ड अन्तर्गत 4866, करौं प्रखण्ड अन्तर्गत 4013, मधुपुर प्रखण्ड अन्तर्गत 6162, मारगोमुण्डा प्रखण्ड अन्तर्गत 3944, मोहनपुर प्रखण्ड अन्तर्गत 7996, पालोजोरी प्रखण्ड अन्तर्गत 7334,  सारठ प्रखण्ड अन्तर्गत 7695, सारवां प्रखण्ड अन्तर्गत 4127, सोनारायठाढ़ी प्रखण्ड अन्तर्गत 3461, देवघर शहरी अन्तर्गत 9236 एवं मधुपुर शहरी क्षेत्र अन्तर्गत 2512 लक्ष्य निर्धारित किये गये हैं।

इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को उपायुक्त कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने निदेशित करते हुए कहा है कि सर्वप्रथम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अन्तर्गत लंबित आवेदन की जांच अविलम्ब प्रारंभ करते हुए दिनांक 30.09.2020 तक पूर्ण कर ली जाय, तथा झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना अन्तर्गत प्राप्त नये आवेदन की सुपात्रता की जांच दिनांक 01.10.2020 से 10.10.2020 तक पूर्ण कर ली जाय। इस प्रयोजन हेतु प्रखंड में एवं नगर निगम/नगर पर्षद क्षेत्र में जांच हेतु आवश्यक जांच दल का अविलम्ब गठन किया जाय, इसके लिए प्रत्येक प्रखंड के पंचायत के पंचायत सचिव, प्रभारी पंचायत सचिव को जांच में प्रतिनियुक्त किया जाय। साथ ही ससमय कार्य पूर्ण करने के लिए दो/तीन पंचायत पर एक पर्यवेक्षी पदाधिकारी को भी इस कार्य में प्रतिनियुक्त किया जाय। नगर निगम एवं नगर पर्षद क्षेत्र में कार्यालय में पदस्थापित/प्रतिनियुक्त कर्मी को इस कार्य के लिए प्रतिनियुक्त किया जाय एवं जन-प्रतिनिधि को आवश्यकतानुसार इस कार्य में सहयोग लिया जाय।

इसके अलावे जांचोपरांत प्राप्त आवेदन को निर्धारित समावेशन/अपवर्जन मानक को ध्यान में रखते हुए संबंधित पंचायत सेवक/आंगनबाडी सेविका/प्रधानाध्यापक/शिक्षक के द्वारा पुनः जांच कर दोगुणी संख्या में आवेदकों की प्रारूप प्राथमिकता सूची तैयार करेंगे तथा इसका प्रकाशन जिला/प्रखंड/पंचायत/शहरी वार्ड स्तरीय कार्यालय में करेंगे।

प्रकाशित की गयी प्रारूप प्राथमिक सूची पर आपत्ति प्राप्त करते हुए निर्धारित समय पर आपत्ति का निष्पादन संबंधित पंचायत के मुखिया/शहरी क्षेत्र के प्रतिनियुक्त कर्मी के अध्यक्षता में आयोजित पंचायत स्तरीय/शहरी वार्ड स्तरीय सभा के माध्यम से करेंगे, जिसमें संबंधित पंचायत के पंचायत सेवक/पंचायत में अवस्थित विद्यालय के प्रधानाध्यापक/शिक्षक/संबंधित पंचायत के आंगनबाडी सेविका एवं पंचायत कार्यकारणी के समस्त सदस्य भाग लेंगे, तथा शहरी क्षेत्र में प्रतिनियुक्त कर्मी करेंगे। आवयकतानुसार शहरी क्षेत्र में प्रतिनियुक्त कर्मी जन-प्रतिनिधि का सहयोग लेंगे। संबंधित पंचायत के कर्मी/वार्ड कर्मी बैठक की विधिवत कार्यवाही तैयार किया जाय।

प्राप्त आपतियों के निराकरण के पश्चात् पंचायत/वार्ड स्तर पर निर्धारित लक्ष्य के डेढ गुणा संख्या में आवेदकों की अंतिम प्राथमिकता सूची संकल्प में वर्णित प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। (झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा अधिनियम अन्तर्गत सुपात्र लाभुकों की प्राथमिकता सूची निम्नवत होगीः-

1. आदिम जनजाति परिवार

2. विधवा/परित्यकता/Transgender

3. 40 प्रतिशत या इससे अधिक विकलांगता वाले व्यक्ति

4. कैंसर/एड्स/कुष्ठ/अन्य असाध्य रोग से ग्रसित

5. अकेले रहने वाले वृद्ध/बुजुर्ग व्यक्ति/एकल परिवार

6. अनुसूचित जनजाति

7. अनुसूचित जाति

8. अन्यान्य

योजना के तहत् किसी एक श्रेणी के अन्तर्गत सुपात्र आवेदकों को उनकी जन्म तिथि के आधार पर अधिक उम्र वाले आवेदकों को पारस्परिक प्राथमिकता देते हुए तय की जाएगी।

   इस संदर्भ में उल्लेखनीय है कि पंचायत स्तरीय/शहरी वार्ड स्तरीय सभा में प्रतिनियुक्त कर्मी एवं जनप्रतिनिधि का यह दायित्व होगा की अंतिम प्राथमिकता सूची में उक्त पंचायत/वार्ड के सबसे जरूरतमंद व्यक्ति का नाम प्राथमिकता सूची में उपर रहे इसके लिए उपर्युक्त वर्णित अधिमानता सूची को उस हद तक समायोजित किया जाय। 

इसके अलावे संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी/नगर आयुक्त, देवघर नगर निगम/कार्यपालक पदाधिकारी, मधुपुर नगर पर्षद आपतियों के निराकरण के पश्चात प्राथमिकता सूची एवं सभा की कार्यवाही जिला आपूर्ति कार्यालय में निर्धारित समय में प्रेषित करेंगे ताकि लाभुकों को हरा रंग का पृथक राशन कार्ड निर्गत किया जा सके। योजना के ससमय पूर्ण करने के लिए पत्र के साथ संकल्प एवं प्रासंगिक पत्र संलग्न किया जाता है  किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न होने पर संबंधित पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, देवघर विशालदीप खलखो से सम्पर्क एवं सहयोग प्राप्त कर सकते हैं।

No comments