स्वरचित कविता के लिए देवघर की रंजना प्रिया को ढूंढ़ता बिहार बौद्धिक मंच ने किया समानित



            

देवघर ढूंढ़ता बिहार फेसबुक के पेज पर रविवार को रात्री 8:30 देवघर की  बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत रहते हुए एक आधुनिक युग की काव्यित्री  रंजना प्रिया  से स्वरचित कविता मै तुमे सड़क हु जो तुम्हे तुम्हारी मंजिल से मिलवाती हु कविताओं के साथ  लाइव आई। उन्होंने अपनी  कविताओं से लोगों को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कोरोना संकट के बारे में कहा कि आज हम एक वैश्विक महामारी से लड़ रहे हैं। दुनिया की तमाम सरकारें इससे निकलने के उपाय तलाश रही है। अब तक इसका कारगर इलाज नहीं ढ़ूंढ़ा जा सका है ऐसे में इस बीमारी का बचाव शारीरिक दूरी का पालन करने में है। मैं शब्दों के अंदर वो चिगारी लेकर चलता हूं इसके बाद उन्होंने उन बाजुओं को काट दो जो चीर द्रौपदी का खींचते कविता से महिलाओं पर होने वाले अत्याचार पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। अपने फेसबुक लाइव कार्यक्रम में उन्होंने दर्शकों को एक से बढ़कर एक कविताएं सुनाईं। बाद मे रंजना प्रिया को ढूंढ़ता बिहार विचारों के मंच बेगूसराय ने समानित कर  प्रशस्ति पत्र दिया






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