जान जोखिम में डालकर राहगीर आवागमन करने को मजबूर , जनप्रतिनिधि नही ले रहा है सुध



 उधवा/साहिबगंज : सूबे की सरकार में गाँव के विकास के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रहे हैं , इसके बावजूद भी गाँव की हालत आज़ादी के बाद से ही जैसा का तैसा हैं । वही कीचड़ों भरी सड़के, वही सड़क में बने छोटे-बड़े तालाब , और तालाब में भरे पानी आदि से लोग परेशान हैं । इस तरह की सड़क से होकर लोग अपने जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं । यह हालत कही एक जगहों की नहीं है बल्कि नजर उठाके देखा जाए तो दिखने को मिल जाएगा कि उधवा प्रखण्ड क्षेत्र की दियारा क्षेत्र में हर पंचायत हर गाँव लगभग सभी सड़क संबंधित समस्याओं से कई दशकों से जूझ रहे हैं । साथ ही सरकार की कई प्रकार के कल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण इलाके की लोग वंचित हैं । बात कर रहे हैं प्रखंड के दियारा क्षेत्र की सबसे पिछड़े इलाका पूर्वी प्राणपुर कि जहाँ लोगों के पास चलने लायक ढंग की सड़क ही नहीं है । देखा जाए तो लगभग हर एक गाँव के ग्रामीण सड़क के लिए आज़ादी के बाद से ही तरस रहे हैं , लेकिन कोई भी अबतक ध्यान नहीं दे रहा है । ऐसी बदहाल सड़क जो पूर्वी प्राणपुर के फरजुल टोला , रियाजुद्दीन टोला , मताहर टोला, लेट मजीद टोला, यदि गाँवो को एक साथ जोड़ती है । जिसकी इस्थिति दुखिनीय हैं । ग्रामीण वसीम अकरम, रफीकुल शेख, सलीम शेख़ , आदि का कहना है कि हमारे पूर्वजों इस तरह की सड़क समस्या से झेलते हुए गुजर गए और आज हम भी सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं । इसके लिए हमने कई बार पंचायती मूखिया सह जनप्रतिनिधियों की दरवाजे खटखटाए हैं बावजूद सड़क निर्माण नहीं हो सका । ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मूखिया सह जनप्रतिनिधियों के द्वारा ग्रामीणों को बार-बार आश्वासन ही दिया जाता हैं , वही आश्वासन के सहारे ग्रामीणों के कई दशक गुजर गए हैं , और साथ ही मूखिया सह जनप्रतिनिधियों का भी दो कार्यकाल अवधि समाप्त होते जा रहे हैं , बावजूद लोगों को सड़क की समस्या से राहत नहीं मिला । अब ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सड़क की मांग की है ।

No comments