चितरा कोलियरी के विभिन्न समस्याओं को लेकर संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा की बैठक



झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन कार्यालय चितरा में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शशांक शेखर भोक्ता की अध्यक्षता में आज की गई । बैठक में निर्णय लिया गया की खून गांव के कई भू विस्थापितों का मुआवजा नहीं मिला है । उसके लिए समुचित पहल कर मुआवजा दिलाने हेतु जिला प्रशासन एवं कोलियरी प्रबंधन पर दबाव बनाया जाएगा। साथ ही निर्णय लिया गया कि खून गांव में ग्रामीणों के आग्रह पर संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि गांव में जाकर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुनेंगे और उसे सूचीबद्ध कर प्रबंधन से वार्ता की जाएगी। ताकि रैयत एवं विस्थापित परिवार को उचित मुआवजा और सम्मान मिले एवं कोलियरी भी सुचारू रूप से चले। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री भोक्ता ने कहा कि प्रबंधन अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए और मुख्यालय अधिकारियों को खुश करने के लिए मजदूरों का शोषण करती है और उसी के तहत पिछला संडे बंद कर दिया गया था । इन सारी बातों से झारखंड सरकार को अवगत कराया गया। चितरा कोलियरी प्रबंधन की दोहरी नीति चलने नहीं दी जाएगी । एक और 7 गांव के लोगों को साढ़े तीन लाख से 5 लाख तक प्रति एकड़ मुआवजा मिला है ।वहीं चितरा पावर ग्रिड में मुआवजा 37 लाख रुपया प्रति एकड़ दिया गया है। विस्थापन और पुनर्वास नीति मैं स्पष्ट है कि पहले भूस्वामी को समुचित पुनर्वास की व्यवस्था कर विस्थापन किया जाए। लेकिन एसपी माइंस चितरा में पुनर्वास की स्थिति देखेंगे तो बहुत ही बदतर है और विस्थापितों को नौकरी से हटाने या मुकदमा का भय दिखाकर बिना पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की हटाने का दवाब बनाया जाता है जोकि बिल्कुल गलत है । हम जमीन देंगे लेकिन हमें जहां रहना है वहां पर बिजली पानी झारखंडी संस्कृति के अनुसार तालाब पोखरा , सामुदायिक भवन बाजार भवन स्कूल आंगनवाड़ी केंद्र, गाय भैंस भेड़ बकरी सूअर आदि के रखने उसके खुले मैदान में घास खाने (चरने) की व्यवस्था तो देनी होगी। इस अवसर पर एटक के पशुपति कोल, इंटक के योगेश राय, बीएमएस के द्रोण सिंह रमण कुमार चौधरी सीटू के रामदेव सिंह एचएमएस के राजेश राय झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के नवल किशोर राय माणिक यादव भूदेव महतो, बिहार जनता खान मजदूर संघ के बलदेव महतो साथ ही श्यामसुंदर तिवारी सोनालाल किस्कू आदि शामिल थे।

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