निजी स्कूलों के शिक्षकों का माली हालत दयनीय



साहिबगंज -वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते देश के सभी सरकारी,गैर सरकारी स्कूल कॉलेज कोचिंग संस्थान बंद पड़े हैं जिसके कारण निजी शिक्षकों का माली हालत दयनीय हो गई।शिक्षक मजबूरी में कर रहे हैं मजदूरी,जहां लोगो के दिमाग मे शिक्षक नाम आते ही एक तस्वीर बन जाती थी धोती,कुर्ता और हाथ में छाता और पॉकेट में पेन एक छवि होती है शिक्षकों का, लेकिन इस महामारी में निजी शिक्षकों का आजीविका पर इतना बुरा असर पड़ा है की उनके हाथों में फरसा कुदाली टोकरी पकड़ कर मजदूरी करने को बेबस और मजबूर कर दिया है।जहाँ क्षेत्र के निजी स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि निजी संस्था बंद पड़े हुए हैं जिसके कारण स्कूल संचालक के द्वारा जो प्रोत्साहन राशि दिया जाता था वह भी छह सात महीना से नहीं मिल रहा है।क्षेत्र के कई निजी स्कूलों के शिक्षकों में मो0 सादाब आलम,मो0 शाहबाज आलम,मुमताज अंसारी,शफीक अंसारी,तारेश साह,इन्द्रानरायान दास,मुर्शिद आलम,मोजफफर हुसैन का कहना है कि हमलोग

मजबुरी मे मजदूरी कर रहे है।लेबर कार्ड नही रहने के कारण  नरेगा मे काम भी नही मिल रहा है।साथ ही क्षेत्र के सभी निजी शिक्षकों ने राज्य सरकार से बेरोजगारी भत्ता या लेबर कार्ड बनाने के लिए गुहार लगाया है। और कहा की बेरोजगारी भत्ता भी नही मिल रहा है तो कम से कम लेबर कार्ड ही बना दिया जाय ताकी दो वक्त की रोजी रोटी की जुगाड हो सके।जिससे परिवार का गुजारा हो।

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