साहिबगंज के लाल अमन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी में जिला का किया नाम रोशन



साहिबगंज:-विश्व हिन्दी सचिवालय,मॉरीशस के सहयोग से सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका द्वारा केन्द्रीय हिन्दी संस्थान,आगरा के उपाध्यक्ष अनिल शर्मा 'जोशी' की अध्यक्षता,विश्व हिन्दी सचिवालय,मॉरीशस के महासचिव प्रो विनोद कुमार मिश्र  के सान्निध्य,भारत के महामहिम राष्ट्रपति महोदय के पूर्व ओएसडी डॉ कन्हैया त्रिपाठी की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति और राजेश श्रीवास्तव,राजभाषा प्रमुख,इस्पात मंत्रालय भारत सरकार के अंतरराष्ट्रीय संयोजन में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य आयोजित हुए. काव्य सम्मेलन में झारखंड के संथाल परगना साहिबगंज जिले के युवा कवि और स्वतंत्र रचनाकार अमन कुमार होली ने भाग लिया झारखंड का प्रतिनिधित्व किया।इसके साथ ही उन्होंने हिंदी दिवस के उपलक्ष में ही है जर्मनी इसे प्रकाशित अंतरराष्ट्रीय वेब पत्रिका मौन गूंज के द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी काव्य सम्मेलन में अपनी काव्य प्रतिभा की हुनर दिखाई।शहर के कॉलेज रोड चैती दुर्गा निवासी अमन कुमार होली के पिता अशोक कुमार साह और माता शोभा देवी को अपने पुत्र के कीर्तिमान पर गर्व है।उनके पिता  ने बताया कि अमन की उपलब्धि पर सारे परिवार को गर्व है आगे भी इसी प्रकार अपने कर्तव्य निष्ठा और लगन के साथ परिवार समाज और विद्यालय व महाविद्यालय के साथ साथ देश का भी नाम विश्व स्तर पर फैलाए यही हमारी कामना है।इस अवसर पर परिवार के सभी सदस्यों के साथ साथ मित्रों ने भी उन्हें बधाई दी है।अमन कुमार होली वर्तमान में साहिबगंज महाविद्यालय के हिंदी विभाग में अध्ययनरत हैं।अमन ने कहा कि इनकी साहित्यिक रुचि विद्यालय काल से ही आरंभ हो गई थी, इन्होंने पूर्व रेलवे उच्च विद्यालय से मैट्रिक की परीक्षा में जिलेभर में टॉप स्थान प्राप्त किया था।अमन ने बताया की पूर्व रेलवे उच्च विद्यालय के हिंदी के शिक्षक बृजेश कुमार के सानिध्य में ही उन्हें हिंदी में रूचि हो गई थी। 

कक्षा सातवीं से ही हिंदी में कविताएं और निबंध लेखन कर रहे हैं।अब तक 50 से अधिक कविताओं की रचना कर चुके हैैं। पूर्व रेलवे के द्वारा आयोजित अंतरविद्यालयी काव्य प्रतियोगिताओं की वार्षिक मैगजीन में भी इनकी कविताएं कोलकाता में छप चुकी है।हिंदी  की उत्कृष्ट ऑनलाइन काव्य पटल प्रतिलिपि वेबसाइट पर इनकी कविताएं प्रकाशित होती है । अभी तक देश विदेश के बहुत सारे का भी मंचन में कविता पाठ कर चुके हैं।इनकी कविताओं की शैली सामाजिक सरोकारों से जुड़े हुए और यथार्थवादी है।इनकी कविताओं के विषय सामाजिक विषमताओ,वीर रस देशभक्ति से ओतप्रोत स्वाभिमान,अशिक्षा बेरोजगारी युवाओं में बढ़ती नशाखोरी आदि रहे हैं।

 नारी सशक्तिकरण गरीबों और वंचितो के चुनौतीपूर्ण जीवन को यथार्थ वादी सादृश्यता के साथ लिपि बद्द करना है इनकी लेखनी के मूल माध्यम है।साहिबगंज महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ विनोद कुमार, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ रंजीत कुमार सिंह,अंग्रेजी के विभागाध्यक्ष डॉ संतोष चौधरी , बी एड के प्रोफेसर नितिन घोष,एवं महाविद्यालय परिवार की ओर से अमन को बधाई दी गई है।साहित्य के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए उज्जवल भविष्य की कामना की है।

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