साहिबगंज : शहर के लोगों की सुरक्षा अब राम भरोसे है



साहिबगंज : शहर के लोगों की सुरक्षा अब राम भरोसे है। शहर की सुरक्षा के लिए लगाए गए लगभग सभी सीसीटीवी कैमरे वर्षों से खराब पड़े हुए हैं। इससे कोई भी आपराधिक तत्व घटना को अंजाम देकर आसानी से पुलिस के आँखों के सामने से ही फरार हो जाता है।


जिला प्रशासन की ओर से करीब पांच साल पहले शहर की 16जगहों में लगाया गया था सीसीटीवी कैमरा:

सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शहर के 16 जगहों में सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था. अब 16 में से करीब करीब सभी कैमरे बंद पड़े हैं। शहर में आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कैमरे लगाये गए थे, लेकिन रखरखाव के अभाव में कैमरे खराब हो चुके हैं। कैमरा बनाने को लेकर अब तक कोई करवाई नही हुई है. शहर के पूर्वी ओर जाने के लिए पूर्वी रेलवे फाटक क्रोस करके साक्षरता मोड़ क्रॉस करके जाना होता है, वही कॉलेज रोड स्टेशन मोड़, पटेल चौक, नगर थाना या एलसी रोड होते हुए गोपालपुल महादेवगंज होकर पश्चिम क्षेत्र जाना पड़ता हैं. इन सभी मुख्य मार्गों पर लगे कैमरे खराब हो चुके हैं। शहर की तीसरी आंख खराब होने के कारण ज्यादातर मामलों में अपराधी पकड़े नहीं जाते। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।

इन स्थानों पर लगे हैं कैमरे:

पांच साल पहले शहर के प्रमुख चौक चौराहो भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर कैमरे लगवाए गए थे। जिसमे साक्षरता चौक, पूर्वी रेलवे फाटक, टमटम स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पटेल चौक, स्वामी विवेकानंद चौक, धर्मशाला चौक, बादशाह चौक सहित अन्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाये गए थे। कैमरे लगाने का मुख्य उद्देश्य आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाना था, लेकिन अब ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। चोर आसानी से शहर से वाहन चोरी, छिनतई, लूट जैसी घटना को अंजाम देखकर आसानी से निकल जाते हैं और पुलिस दुकानों ओर घरो के बाहर लगे सीसीटीवी छानती रह जाती है.

दुकानदार करते हैं पुलिस की मदद:

दुकानदार अपनी सुरक्षा को लेकर सीसीटीवी कैमरा लगाते हैं, लेकिन शहर में कभी भी अपराधिक घटना घटती है तो पुलिस द्वारा घटनास्थल क्षेत्र में पहुंच कर दुकानदारों व घर के आगे लगे सीसीटीवी कैमरा की मदद लेते हैं। जिससे छानबीन की प्रक्रिया पुलिस के द्वारा शुरू की जाती है।


क्या कहते हैं पुलिस अधीक्षक:

पुलिस अधीक्षक अनुरंजन किस्पोट्टा ने बताया कि कुछ सीसीटीवी कैमरों के खराब होने की जानकारी उन्हें मिली है। जिसकी की मरम्मती के लिए उपायुक्त को पत्र लिखा जाएगा।


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