हिंदी हमारी मातृभाषा है जो वास्तव में भारत माता की माथे की बिंदी है:-डॉ अरविंद प्रसाद सिंह



साहिबगंज:-शिक्षा संस्कृति उद्यान न्याय साहिबगंज विभाग द्वारा आयोजित हिंदी पखवाड़ा नई शिक्षा नीति एवं भाषा पर विचार विमर्श गोष्टी का आयोजन गूगल मीट जूम एप्प पर किया गया। गोष्ठी का प्रारंभ ऊँकार की ध्वनि से की गई।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि झारखंड अधिविध परिषद के अध्यक्ष डॉ अरविंद प्रसाद सिंह, विशिष्ट अतिथि साहिबगंज महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ मृदुला सिन्हा,राष्ट्रीय स्वयं सेवक के संघ चालक विजय कुमार विभाग,प्रदेश अध्यक्ष  संस्कृति उत्थान न्यास सह पूर्व विभागाध्यक्ष इतिहास विभाग विनोबा भावे विश्वविद्यालय के

डॉ अरडोड़ी गोपाल सहाय,शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के प्रांत प्रमुख अमर कांत झा एवं धनबाद विभाग प्रमुख रामावतार साहू साहिबगंज विभाग प्रमुख उपस्थित थे।गोष्ठी को संबोधित करते हुए अमर कांत झा ने बताया कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी भाषा को राजभाषा के रूप में मान्यता दी,14 सितंबर 1953 से इसके प्रचार-प्रसार हेतु हिंदी दिवस मनाया जाता है उन्होंने बताया की हिंदी बोलचाल की भाषा नहीं है यह संस्कृति की सवादिका है मृदुला सिन्हा ने बताया कि आधुनिकीकरण की भ्रम पूर्ण व्याख्याओं के कारण हमारी नई पीढ़ी में दूरी हीनता आ रही है मातृभाषा में शिक्षा के साथ अनेक अन्य आवश्यकताएं भी है जो हर भारतीय को भारत से जोड़ने और विश्व को सक्षम होने के लिए आवश्यक है गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ अरविंद प्रसाद सिंह ने बताया कि शिक्षक किसी भी देश और विकास और समाज के लिए महत्वपूर्ण अंग है उन्होंने बताया कि हिंदी दुनिया में बोले जाने वाली चौथे नंबर की सबसे बड़ी भाषा है जैसे विभिन्न देशों ने अपनाया जाने लगा है हिंदी हमारी मातृभाषा है जो वास्तव में भारत माता की माथे की बिंदी है डॉ सिंह ने बताया कि यूनेस्को द्वारा भाषा ही विविधता को बढ़ावा देने और उनके संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की शुरुआत की गई।विजय कुमार ने बताया कि यहां मातृभाषा में संवाद चिंतन और विचार विमर्श को अपने रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करे।मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन यमुना दास केदारनाथ चौधरी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्राचार्य डॉ शैलेश मिश्रा एवं अतिथि परिचय प्राचार्य अमित कुमार ने किया।गोष्ठी की समाप्ति  ज्योति कुमारी द्वारा शांति पाठ के साथ की गई।गोष्ठी मे  श्याम किशोर सिंह,कमल महावर  रंजीत सिंह,संजीव झा,निर्मल कुमार,सुबोध झा,भगवती रंजन पांडे,उदय चौरसिया,डॉ राजकुमार साह,देव कुमार,रेखा देवी व बाल गोविंद कश्यप आदि उपस्थित थे।

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