ऑनलाइन जूम ऐप्प पर मनाया गया एनएसएस का स्थापना दिवस



साहिबगंज संवाददाता:-राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना दिवस समारोह साहिबगंज महाविद्यालय में ऑनलाइन आयोजित कर किया गया।जहा कोरोना के कारण स्कूल कॉलेज बन्द है वहा ऑनलाइन जूम एप्प के माध्यम से स्थापना दिवस सादगी से मनाया गया।समारोह की अध्यक्षता कालेज के डॉ रणजीत कुमार सिंह ने की।कार्यक्रम के शुरुआत में एनएसएस के कार्यक्रम हेड नोडल पदाधिकारी डा.रणजीत कुमार सिंह ने कहा कि 24 सितंबर 1969 के इतिहास को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्म शताब्दी वर्ष से जोड़ते हुए राधा कृष्णन पंडित,जवाहर लाल नेहरू,डा.सीडी देशमुख आदि ने एनएसएस को कार्यरूप देने में अहम भूमिका निभाई।उन्होंने सेवा योजना के महत्व,उद्देश्य और प्रतीक चिन्ह पर भी विस्तार से चर्चा की।आज इस महामारी मे हमलोग 24 सितंबर को 51 साल के एनएसएस का जश्न मना रहे हैं।एक सवाल मुझे आप सभी के साथ साझा करना है। पिछले 50 वर्षों में एनएसएस की गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक सुधारों पर हमारा वास्तविक प्रभाव पड़ा है?  हर साल 35 लाख स्वयंसेवकों का जुड़ना,हममें से कितने को लगता है कि इससे जनता के बीच सामाजिक व्यवहार बदल गया है अगर हम पिछले 50 वर्षों में इसकी तुलना करे कि अपने पिछले स्वयंसेवकों की मदद से जो करोडों में हैं,समाज मेें क्या परिवर्तन लाए हैं।क्यों हम में से अधिकांश एनएसएस वोलंटर्स केवल कॉलेज के दिनों में ही सक्रिय रहते है?हमने कुछ विशेष गुण सीखे हैं और एक स्वयंसेवक के रूप में जो हमारे पास हैं।हमारे व्यक्तित्व विकास का उपयोग राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सुधारों में किया जाना चाहिए।कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम किस पेशे में हैं,यह हमारे कामकाज के तरीके को आत्मसात करने और अन्य युवाओं के व्यक्तित्व के विकास पर भी़ जोर देने का यही सही समय है।अपना और दूसरों का भी़ ध्यान रखे।इस दौरान एनएसएस के ओर से शिबू सोरेन जनजातीय डिग्री कॉलेज बोरियो से डॉक्टर मेरी सोरेन ने कहा की आज एनएसएस स्वयं सेवक हर क्षेत्र मे सेवा दे रहे है।एनएसएस के सक्रिय स्वयं सेवक मो0शाहबाज आलम ने कहा की आज सामाजिक सरोकार में आगे रहती है।एनएसएस एक तरह से गांव और शहर के बीच सेतू निर्माण का काम कर रहा है।मै आज हमारे एनएसएस के कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ रंजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में एनएसएस से जुड़ कर इस महामारी के दौरान 1000 लोगो के बिच मास्क वितरण और सुखा राशन बाटा मुझे खुशी है की मै एक एनएसएस का स्वयं सेवक हुँ।वही एनएसएस स्वयं सेविका नमिता कुमारी ने अपनी बाते रखते हुए कहा की एनएसएस का मोटो नोट मी बट यू बल्कि एनएसएस मेरा नही आपका है इस के उद्देश्य को बताया एनएसएस के फायदे को रखते हुए कहां की आज एनएसएस के कारण ही मैं अपने क्षेत्रों में जाने जाती हुँ।मौके पर डॉक्टर मेरी सोरेन,मनीष यादव,मो शाहबाज आलम,पूजा कुमारी,चंदन कुमार,नमिता कुमारी स्वयंसेवकों के साथ कॉलेज के शिक्षक गण मौजूद थे।


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