आधार कार्ड बनाने के लिए लोग लगा रहे हैं ब्लॉकों के चक्कर, नहीं हो रहा काम



साहिबगंज संवाददाता:--आधार कार्ड को जारी करने वाली संस्था( यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) अक्सर आधार कार्ड को लेकर इसके अपडेशन के लिए नए-नए नियम जारी करती रहती हैं। जिससे लोगो के लिए परेशानी भी बढ़ गई हैं। जबसे यूआईडीएआई ने प्राइवेट आधार सेंटर बंद किए हैं, तब से आधार में संशोधन को लेकर लोगों की परेशानी काफी हद तक बढ़ रही है। कभी नाम सुधारने तो कभी जन्म तारीख व बच्चों के फिंगरप्रिंट अपडेट को लेकर लोग जूझ रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी तो उन लोगों को आ रही है जिनके मोबाइल नंबर से आधार लिंक नहीं है। ऐसे में न तो वे आधार सुधरवा पा रहे हैं और ना ही नया आधार बनवा पा रहे हैं।ऐसे ही स्थिति अगर देखा जाए तो उधवा प्रखण्ड के पूर्वी सह पश्चिमी प्राणपुर, दक्षिण सह उत्तर  पालशगाछी तथा दक्षिण, मध्य, और उत्तर पियारपुर के लोग सबसे ज्यादा परेशानी में है। आंकड़ो के माने तो 85 प्रतिशत इलाके की लोगों की मोबाइल नंबर से आधार लिंक नहीं है। जबकि लगभग हर एक परिवार में छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक के आधार कार्ड में कोई न कोई त्रुटियां जरूर देखने को मिलेगा। हजारों बच्चों के अभी भी फिंगरप्रिंट उनके आधार कार्ड में अपडेट नहीं हुआ है। किसी के अपने नाम मे स्पेलिंग गलत है तो किसी के अविभावक के। और जन्म तारीख में गलत ही गलत हैं ज्यादातर लोगों का जन्म 01-01 वर्ष  जो भी हो!  लोगों का कहना है ऐसा इसलिए हुआ कि जब नए-नए आधार कार्ड बनाना शुरू हुआ था तब ग्रामीण लोगो को उतना जानकारी नहीं था। भीड़भाड़ के चलते फॉर्म लोगों के कथे अनुसार भर दिया गया था। चूंकि शासकीय योजनाओं में दस्तावेज के रिकॉर्ड आधार कार्ड से मैच होना चाहिए, ऐसा नहीं होने से हितग्राहियों को लाभ लेने में परेशानी आ रही है। अभी उधवा ब्लॉक में आधार कार्ड बनाने का काम चल रहा है। एक दिन में 150 से 200  लोग आधार सुधरवाने के लिए आने के कारण यहाँ नम्बर लग रहे हैं। किसी को दो दिन तो किसी को एक सप्ताह के बीच का समय दिया जा रहा है। साथ ही बच्चों के स्कूल में प्रवेश के लिए आधार कार्ड जरूरी जिन अभिभावकों को बच्चों का सरकारी या निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाना है उनके लिए आधारकार्ड अनिवार्य है। इसके बिना प्रवेश लेने में परेशानी आ रही है, क्योंकि यदि कोई बच्चा शासकीय योजना के तहत पात्र है और योजनाओं का लाभ लेना है तो आधारकार्ड देना होगा। ऐसे में अभिभावक आधार बनवाने के लिए बैंको व ब्लॉकों के चक्कर लगा रहे हैं। गाँव के राफिकुल शेख , दुलाल शेख , अमीर शेख यदि के कहने के अनुसार वे एक- दो बच्चों समेत खुद का आधार कार्ड सुधरवाने और बच्चे का आधार बनवाने के लिए ब्लॉक गया था तो कहा गया कि सोमवार को आना नंबर लगे हैं। ऐसे में सोमवार को काम छोड़ जाना पड़ा ! फिर वही लिंक फेल, लाइट चली जाती हैं आदि का सामना कर घर लौट आते हैं। इस सम्बंध में आधार केंद्र संचालक ने बताया हमारी कोशिश है कि अधिक से अधिक आधार एक दिन में लोगों के बनाए। चूंकि आधार में गलती ना हो इसलिए सावधानी से काम करने में समय लग रहा है। जबकि 200 से ऊपर लोग डैली आते हैं जिसमे हम सिर्फ 20 व्यक्ति का ही आधार कार्ड सुधार व बना पा रहे हैं। बाकी सब ऐसे ही घर लौट जाने में मजबूर हो जाते हैं। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि उधवा प्रखण्ड के 26 पंचायतों में सिर्फ मेरे यहाँ ही आधार का काम चालू हैं ! जिसके वजह से मुझे ज्यादा परेशानी झेलना पड़ रहा है। जबकि अन्य जगह जैसे बैंक , पोस्ट ऑफिस आदि में आधार बनाने का निर्देशन किया गया है फिर भी अबतक वे काम नहीं कर रहे हैं।

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