कलश पूजन व मूर्ति पूजन के लिए छोटी-छोटी प्रतिमा विराजमान


ब्यूरो रिपोर्ट : साहिबगंज गणेश चतुर्थी का त्योहार देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है. लोग एक या दो सप्ताह पहले से ही गणपति को घर लाने की तैयारी शुरु कर देते हैं. हर कोई अपनी पसंद और आकार के गणपकि को अपने घर लाते हैं और उनकी स्थापना करते हैं. बता दें, जिले में गणेश पूजा बारिस के बीच सादगी पूर्वक मनाया जा रहा है. शहर व जिले के सभी गणेश पूजा समितियों द्वारा इस वर्ष कोविड19 को देखते हुए सिर्फ कलश पूजन ओर मूर्ति पूजन के लिए छोटी छोटी प्रतिमा विराजमान करके सादगी पूर्वक सोशल डिस्टेसन का पालन करते हुए स्वास्थ्य विभाग व सरकार के कोविड19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए विधिवत पूजन किया जा रहा है. जहाँ पूर्व के वर्षो में बड़ा बड़ा पंडाल बनाकर 15 से 18 फीट ऊँची विशालकाय आकर्षक बप्पा की प्रतिमाए विराजमान होकर पूजा किया जाता था, भव्य मेला का आयोजन किया जाता था. गणेश पूजा से एक दिन पूर्व शहर व जिला भक्ति गानो से भक्तिमय हो जाता था. लेकिन इस वर्ष कोविड19 के कारण सभी पूजा समिति सादगी पूर्वक कलश पूजन व छोटा गणेश प्रतिमा विराजमान करके सिर्फ पूजन कर रहा है. शहर सहित जिला में तीन दिवसीय गणेश पूजा आयोजित किया जाता है. तीसरे दिन कलश विसर्जन व छोटी छोटी प्रतिमा का विसृजन सादगी पूर्वक स्थानीय गंगा तट में किया जाएगा. शहर के नवीन कला मन्दिर बड़ी गणेश पूजा समिती सकरोगढ़, गणेश पूजा समिति शांतिनगर पोखरिया, गणेश पूजा समिती पुरानी साहिबगंज, गणेश पूजा समिती बघवा कुआँ शहीद चौक, गणेश पूजा समिति रसूलपुर दहला, गणेश पूजा समिति गुल्लीभट्टा पंचमोड़वा, गणेश पूजा समिति जददु मोड़, गणेश पूजा समिति जिरवाबाड़ी, गणेश पूजा समिति धंगड़सी सहित अन्य जगहों में समिति द्वारा साधारण तरीके से विधिवत कलश व मूर्ति पूजा किया जा रहा है.



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