मधुपुर महाविद्यालय में पर्यावरण विषय पर वेबिनार का हुआ आयोजन ।

 


मधुपुर महाविद्यालय में शनिवार को पर्यावरण विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया।        

  मधुपुर - 8 अगस्त शनिवार को मधुपुर महाविद्यालय में पर्यावरण विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया।इसकी अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. पीके राय  ने की। जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय की वनस्पति विज्ञान विभाग की प्राध्यापिका डॉ. दिव्यानी मुले ने वेबिनार को संबोधित किया।उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण के परिप्रेक्ष्य में सामाजिक संबंधों का अध्ययन करना नितांत आवश्यक है। क्योंकि स्थान- स्थान पर इस में भिन्नता पाई जाती है। यह अत्यंत आवश्यक है कि ऐसे परिवर्तनों को एक क्रमबद्ध रूप में समझा तथा देखा जाए।आज हमारे समक्ष कई पर्यावरण संबंधी समस्याएं हैं। जिन पर हमें ध्यान देने की आवश्यकता है। इस संकट की स्थिति से उबरने के लिए हमें समाजशास्त्रीयदृष्टिकोण से समझने की आवश्यकता है कि यह क्यों घटित होते हैं तथा इन्हें कैसे रोका जा सके अथवा इसका क्या हल हो सकता है? किंतु समय के साथ-साथ मनुष्य की क्रियाओं द्वारा पारिस्थितिकी में परिवर्तन आया है। अगर ध्यान पूर्वक देखें तो हम पाएंगे कि  प्राकृतिक आपदाएं जैसे अकाल या बाढ़ की स्थिति आदि की उत्पत्ति भी मानवीय हस्तक्षेप के कारण होते हैं। नदियों के ऊपरी क्षेत्र में जंगलों की अंधाधुंध कटाई नदियों में बाढ़ की स्थिति को और बढ़ा देती है।पर्यावरण में मनुष्य के हस्तक्षेप का एक अन्य उदाहरण विश्वव्यापी तापमान वृद्धि के कारण जलवायु में आने वाला परिवर्तन भी है। समय के साथ पारिस्थितिकी परिवर्तन के लिए कई बार प्राकृतिक तथा मानवीय कारणों में अंतर करना काफी कठिन होता है। इस वेबिनार में मधुपुर महाविद्यालय समेत अन्य महाविद्यालय के शिक्षक  व छात्र जुड़े थे। वेबिनार में कुल 250 प्रतिभागी थे। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. राणा प्रताप सिंह ने वेबिनार की सफलता के लिए सबों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विषयों के साथ छात्र-छात्राओं को वेबिनार के माध्यम से काफी कुछ सीखने का मौका मिला है। भारत आज 21वीं सदी में आगे बढ़ रहा है। नित- प्रतिदिन विज्ञान के नई तकनीकों के माध्यम से हमारे छात्र भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। कोरोना काल में जहां लोग त्रस्त हैं। वहीं इस काल में हमें काफी कुछ सीखने का भी मौका मिला है। जिसका आज परिणाम है कि मधुपुर जैसे छोटे जगह के बच्चे भी आज ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े हुए हैं। कार्यक्रम में साहिबगंज  महाविद्यालय के भूगर्भ शास्त्र विभाग के  विभागाध्यक्ष डॉ. रंजीत कुमार सिंह भी कार्यक्रम से जुड़े और अपने प्रश्नों को  मुख्य वक्ता से साझा किया। कार्यक्रम की सफलता के लिए डॉ. रत्नाकर भारती ,डॉ. भरत प्रसाद, डॉ. रंजीत कुमार ,डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. नूर नबी ,डॉ. आलम शेख,डॉ उत्तम शुक्ला, सत्यम कुमार, रंजीत कुमार प्रसाद,होरेन हांसदा, आशुतोष कुमार ,मृणालिनी वर्मा, स्वाति झा,चंदा सहाय, तबस्सुम अंसारी,मुजम्मिल हुसैन ,शिवनंदन राय, आरजू बेगम, सांजलि कौशर की भूमिका सराहनीय रही।

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