उधवा में सड़क की खस्ताहाल होने से लोग वर्षों से झेल रहे हैं फजीहत

 


सड़क की खस्ताहाल होने से लोग वर्षों से झेल रहे हैं फजीहत 


उधवा/साहिबगंज : प्रखंड क्षेत्र पूर्वी प्राणपुर के कई ऐसा गाँव हैं जो वर्षों से विकास की सपनें ही देखते आए हैं , लेकिन विकास अभी-भी इन गाँवो में कोसों दूर नजर आ रहा है । सूबे की सरकार में हर इलाके की विकास की घोषणा के बावजूद भी दियारा का यह इलाका लगातार विकास के लिए तरसते आ रहा हैं। कही सरकार को  समस्याओं से अवगत नहीं होने की वजह तो कही प्रशासन में नौकरशाही प्रवृत्ति के कारण तो कही जनप्रतिनिधियों की उदासीनता एवं  अपना राजनीतिक रोटी सेंकने के कारण ऐसे कई क्षेत्र हैं जहाँ के लोग विकास से दूर एवं कई दशकों से अपनी बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव से जूझ रहे हैं।ऐसा ही एक गाँव जितनागर के सड़क की हाल हैं । गाँव के प्रवेश द्वार से लेकर गोहाटी बाज़ार तक जोड़ने वाली पूरी सड़क जो वर्षों से बदतर से बदतर अवस्था में हैं । जिसमें इन दिनों इस सड़क से आवागमन करना एक कठिन परिस्थिती की सामना करने की तरह है। दुनिया आज कहाँ से कहाँ तक पहुंच गए हैं। हर देश आज तरक्की कर रहा है । लोगों की हर परिस्थितियों में सुविधा उपलब्ध हो इसके लिए सरकार देश को अंकीकृत कर रहा हैं।  लेकिन गाँवो में लोग आज भी हजारो समस्याओं से जूझ रहे हैं। सरकार की सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं । जिसको आज तक देखने वाला न तो कोई प्रतिनिधि हैं और न ही इससे संबंधित पदाधिकारी -कर्मचारी।इसी गाँव के ग्रामीण अजय मंडल , बिससोजित मंडल , नोकुल मंडल , आज़ाद शेख , तस्लीमा नसरीन, ऐनुल शेख आदि का कहना है कि यदि हमारे गाँव में कोई भी अचानक बीमार पड़ जाते हैं तो गाँव के ही अन्य व्यक्ति द्वारा उसे कंधे पर लेटा के नंगे पैर से  ( चुकी चप्पल पहनकर सड़क में चल नहीं सकते)  या फिर बैलगाड़ी के सहारे गाँव से लगभग दो-तीन कि० मी० दूर तक ले जाया जाता हैं जहाँ एम्बुलेंस व अन्य वाहनों  की सुविधा होती हैं। जिससे उसको इलाज के लिए भेजा जाता हैं। इस गाँव मे वाहन की प्रवेश करना तो दूर की बात है, पैदल चलने में भी सैकड़ो समस्याएं  आती हैं। रोज कोइ न कोई घटना होता रहता हैं। सभी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने कई बार पंचायत के मुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया है , बावजूद आज तक सड़क निर्माण नही हुआ है।


No comments