साहेबगंज में गायत्री परिवार ने किया अमृता वटी का पौधरोपण



गायत्री परिवार ने किया अमृता वटी का पौधरोपण

साहिबगंज  :--अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में  सावन पूर्णिमा के पावन अवसर पर सोमवार को शहर के  विभिन्न स्थानों में  नीम वृक्ष के नीचे  गिलोय  के पौधे को आरोपित किया गया।
 मौके पर उपस्थित टोली नायक संजीत कुमार चौधरी ने इस कार्यक्रम के उद्देश्य की चर्चा करते हुए बताया कि गिलोय अथवा अमृता अथवा गुडूची भारत में सर्वत्र सुलभ एक ऐसी दिव्य औषधि है जिसके अमृत समान गुण होने के कारण अमृता के नाम से पुकारा जाता है। उन्होंने बताया कि पुराने वृक्षों अथवा घर की चहारदीवारी पर लता गुलफाम के रूप में फैले इसे सभी जगहों पर  देखा जा सकता है।उन्होंने बताया कि इसकी पत्तियां पान के पत्ते के सदृश होती है।
 आयुर्वेद के मतानुसार गिलोय अथवा अमृता में एंटीबायोटिक गुण होने के कारण यह हर एक प्रकार के बुखार की एक कारगर औषधि है। इसके इसी गुण के कारण इसे देसी कुनैन के नाम से भी जाना जाता है। पौधरोपण टोली के सहयोगी हरिहर प्रसाद मंडल ने भी बताया कि अमृता शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता इम्यून सिस्टम  को काफी बढ़ा देता है। वर्तमान समय में कोरोना विषाणू जन्य महामारी से लड़ने में अमृता सबसे कारगर औषधि साबित हो रही है। टोली नायक संजीत कुमार चौधरी ने तमाम लोगों से अपील करते हुए कहा कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने के लिए सभी स्वस्थ व्यक्ति को भी  इसका सेवन करना चाहिए।इसकी 6 इंच लता को तीन चार टुकड़ों में काटकर  उसे  कुचकर एक गिलास पानी में उबालना चाहिए एवं पानी आधा बच जाने पर उसे छानकर ठंडा कर प्रातः खाली पेट पी लेना चाहिए। यदि उसमें दो तीन गोल मिर्च के दाने एवं तुलसी के आठ 10 पत्ते भी मिला दिया जाए तो सर्दी कफ आदि के लिए वह और भी अधिक कारगर हो जाता है। इस दिव्य औषधि को सभी पहचाने एवं अपने अपने घर की वाटिका में इसे भी स्थान दें।  पौधरोपण कार्यक्रम में संजीत कुमार चौधरी, हरिहर प्रसाद मंडल, शंकर सुमन, रोहित कुमार ,संगीता कुमारी, ओंकार नाथ मिश्रा, निरंजन मंडल आदि शामिल थे।


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