देवघर झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ देवघर की एक आवश्यक बैठक जूम एप से हुई जिसमें निम्नलिखित प्रस्ताव पारित किए गए


1.फैसले का स्वागत :-झारखण्ड के अनुबंध कर्मचारियों की समस्या का स्थायी समाधान के लिए विकास आयुक्त झारखण्ड की अध्यक्षता में बनी कमिटी के फैसले को संघ स्वागत करती है इसके लिए मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देती है ।

कमिटी निर्धारित समय पर अपनी रिपोर्ट दे और रिपोर्ट अनुबंध कर्मियों के भावना के अनुरूप हो तथा मुख्यमंत्री जी संविदा संवाद में दिए वक्तव्य के अनुसार राज्य हित में हो ,इसलिए इस कमिटी में   अनुबंध कर्मियों के प्रतिनिधियों को शामिल करना जरूरी है ।

संघ मांग करती है कि इस उच्च स्तरीय कमिटी में श्री सुशील कुमार पांडेय ,केंद्रीय संयुक्त सचिव झारखण्ड अनुबन्ध कर्मचारी महासंघ ,झारखण्ड को सदस्य बनाया जाय जो लंबे समय से अनुबंध कर्मियों के लिये सघर्ष किया है।इनकी मौकुदगी से सरकार और अनुबंध कर्मी  दोनों को लाभ होगा।

2.हड़ताल जारी रहेगा : मनरेगा कर्मियों का 24 वे दिन भी सकारात्मक वार्ता तक हड़ताल जारी  रहेगा । जान को जोखिम में डाल कर काम करना सम्भव नही ।

3 .हड़ताल के लिए मनरेगा आयुक्त दोषी :-मनरेगा आयुक्त की हदठधर्मी स्वभाव के कारण आज मनरेगा कर्मी हड़ताल पर हैं 

अव्यवहारिक बातें ,नीजि स्वार्थ ngo से साठ गांठ कर अल्प मानदेय भोगी कर्मियों को शोषण के कारण यह विस्फोट हुआ ।मनरेगा कर्मियों के कमाये पैसो से सामाजिक अंकेक्षण दल cft bft दल के कर्मचारियों को मनरेगा कर्मीय से 4 गुना मानदेय मिलता है ।

4.आकस्मिकता मद का बन्दर बाँट :- मनरेगा आयुक्त ने राज्य के आकस्मिकता मद का बन्दर बाँट कर 6 वर्षो से सन्तोष प्रद मानदेय बढ़ने नही दिया और लगातार पदाधिकारियो को गुमराह किये ।यदि मनरेग8 कर्मीय6 के कमाये कंटीजेंसी का ही सारा पैसा मानदेय पर खर्च कर बन्दरबांट नही किया जाए तो सभी कर्मियों का न्यूनतम मानदेय 40 हजार से अधिक होगा।

5.मनरेगा कर्मियों के हत्या के लिए दायीं है मनरेगा आयुक्त :-मनरेगा आयुक्त और उनका पैसा कलेक्शन यूनिट सोसल आडिट यूनिट के कारण मनरेगा कर्मियों का दर्जनों घर उजड़ गया ।कोई आत्म हत्या के लिए विवश हुआ तो कोई प्रेशर से  सड़क दुर्घटना में चल बसे ।

6.बाजार दर से आधा है मनरेगा में  मजदूरी इस लिए मजदूरों।

7.मनरेगा मजदूरों का 75 हजार बीमा लेकिन मनरेगा कर्मियों का नही ।

8.ग्राम सभा की हत्या :मनरेगा आयुक्त के कारण झारखण्ड की ग्राम सभा की हत्या हो गई और इनके द्वारा अनुपयोगी योजना में राशि व्यय कर सरकारी राशि को बर्बाद कर दिया और केवल अनुपयोगी योजनाओं मे राषि की बर्बादी कर आकडो का खेल जारी है ।

9.असली दोषी को बचाने के लिए फसाये जाते हैं अनुबंध कर्मी :-मनरेगा के किसी भी कर्मी को वितीय शक्ति नही है लेकिन विभाग में होने वाले किसी भी दोष को मनरेगा कर्मियों पर मढ़ कर आसानी से फसा दिया जाता है ।पाकुड़ ,चतरा गिरिडीह धनबाद रामगढ़ सहित पूरे प्रदेश में दर्जनों झूठा /फर्जी केस और राशि वसूली का मामला संज्ञान में है ।

10. मनरेगा एक्ट में निजी हित मे कई अमेंडमेंट पर कर्मचारियों हित मे कुछ भी नही ।मनरेगा से मजदूर और मनरेगाकर्मी दोनों परेशान है ।खुशहाल केवल ngo ,सोसल आडिट दल अफसर और मनरेगा आयुक्त हैं ।

11  बिरसा हरित ग्राम योजना को  मजाक बना दिये मनरेगा आयुक्त :-मुख्यमंत्री झारखण्ड का  महत्वाकांक्षी इस योजना को मनरेगा आयुक्त ने मजाक औऱ लूट का योजना बना दिया ।अस्वस्थ पौधा ,नकली जैविक खाद औऱ राज्य के बाहर से आपूर्ति कर्ता ने माननीय मुख्यमंत्री की भावना के साथ खिलवाड़ कर दिया ।

अनुबन्ध कर्मी सरकार मजदूर और जनता का हितैसी हैं और हमारे मुख्यमंत्री के भावना के साथ खिलवाड़ करने वालो का हम विरोध करेंगे 

राज्य में कोरोना संकट से उत्तपन्न बेकारी में हम सभी मजदूरों की समस्याओं से अवगत है,लेकिन मनरेगा आयुक्त नही चाहते की गरीब मजदूर और मनरेगा कर्मियों का कोई हित हो और सरकार लोक प्रिय बने ।यह हड़ताल मनरेगा आयुक्त प्रायोजित है ।


11.मुख्यमंत्री ,ग्रामीण विकास मंत्री पर भरोसा :मुख्यमंत्री  कुछ अच्छा निंर्णय लेंगे ,हम सभी का भरोशा उन्ही पर है ।राज्य हित मजदूर हित और मनरेगा कर्मियों के हितार्थ सकारात्मक वार्ता से हल निकालने का आग्रह हम सभी करते है ।

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